अधिवेशन में 20 राज्यों से 1500 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें किसानों के बीच काम करने वाले संगठन, भूमिहीन मजदूरों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासी लोग, औद्योगिक मजदूरों, महिलाओं व छात्रों, छोटे व्यापारियों, पूर्व रक्षा कर्मयोग, अध्यापकों, चिकित्सकों, वकीलों आदि के बीच काम करने वाले संगठन शामिल हैं। अधिवेशन में एक प्रस्ताव पर किसानों के आंदोलन की सभी समस्याओं पर चर्चा करते हुए उसे देशभर में विस्तारित व तेज करने पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा तीन कृषि कानूनों को रद्द करने, एमएसपी गारंटी कानून बनाने, 2021 का बिजली बिल वापस लेने, एनसीआर में पर्यावरण संबंधी आयोग द्वारा किसानों पर दमन न करने की मांगें शामिल हैं। अधिवेशन, सुझावों के अनुसार आंदोलन की एक योजना स्वीकृत करेगा, उसमें इसका विस्तार व तेज करने की दिशा होगी। इसकी घोषणा अंतिम दिन की जाएगी।
इसमें आयोजन समिति के संयोजक आशीष मित्तल के अलावा बलदेव सिंह निहालगढ़, प्रेम सिंह गहलावत, जगजीत सिंह डल्लेवाल, बलबीर सिंह राजेवाल, हरमीत सिंह कादियान, प्रेम सिंह भंगु, केवी बिजू, हरपाल सिंह, डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, धर्मेंद्र मलिक, सत्यवान, अविक साहा, करनजीत शेरों व जगमोहन सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।