रीमा सिंघल के अनुसार, उन्होंने शुरू में तो मैसेज पर ध्यान नहीं दिया। मगर जब कई मैसेज आए तो दिए गए नंबर पर फोन किया। कुछ देर बाद उसके बैंक खाते से दस लाख रुपये निकल गए। मामला दर्जकर साइबर थाना प्रभारी अजय दलाल की देखरेख में एसआई प्रवीण नरवाल व हवलदार सुशील कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पीड़ित के बैंक खाते की डिटेल निकाली गई थी तो पता लगा कि दस लाख रुपये तीन बैंक खातों में 4,90,000, 3,10,000 और 2,00,000 के हिस्से में ट्रांसफर किए गए हैं। इन बैंक खातों की डिटेल से पता लगा कि छोटे-छोटे हिस्सों में दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
आखिर में धनबाद में पूरा पैसा एटीएम से निकाल लिया गया। 45 हजार रुपये धनबाद, झारखंड की कोटक महिंद्रा बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। ये बैंक खाता धनबाद निवासी राजेश नोनिया के नाम है। ये भी पता लगा कि वह पिता के निर्देश पर खाता को चला रहा है। जांच के बाद पुलिस टीम ने जामतारा से नाबालिग को पकड़ लिया। नाबालिग से पूछताछ के बाद धनबाद निवासी दीपक कुमार चौहान (19) और बिशाल कुमार नोनिया (20) को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी लोगों को बल्क में मैसेज भेजते थे। ये मैसेज भेजते थे कि अपने खाते के केवाईसी को अपडेट कराओ। नहीं तो बैंक खाता बंद हो गया जाएगा। ये मैसेज में कस्टमर केयर का नंबर भी देते थे। पीड़ित जब उस नंबर पर कॉल करता था तो ये पीड़ित से कहते थे कि आपके खाते की नेट बैंकिंग बंद हो गई। इसके बाद ये नेट बैंकिंग की प्रक्रिया को पूरा कर पैसे निकाल लेते थे। इसके अलावा ये पीड़ित से कोई एप लोड करा लेते थे। इस एप से पीड़ित के खाते से पैसे निकल जाते थे।