नई दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में वायु सेना के ग्रुप कैप्टन को एक ठग ने दोस्त बनकर ठग लिया। अपने एक परिचित के सड़क हादसे में घायल होने का बात कहकर आरोपी ने पीड़ित से ठगी की। आरोपी के खाते में पैसा डालते देख उनकी पत्नी को ठगी को शक हुआ। उसके बाद पीड़ित ने अपने दोस्त से बात की तो ठगी का खुलासा हुआ। तब तक पीड़ित को हजारों रुपये नुकसान हो चुका था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनजान नंबर से आया था फोन
भगत सिंह दौलता सपरिवार द्वारका सेक्टर सात में रहते हैं। वह वायु सेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। भगत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 फरवरी के पास उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने पूछा कि पहचान लिए। भगत सिंह को उसकी आवाज अपने एक दोस्त की तरह लगी। दोस्त का नाम लेने पर फोन करने वाले ने हामी भरी। भगत सिंह ने उसे बताया कि वह बाजार में है और घर पहुंचकर फोन कर रहा है। आरोपी ने उसे उसी मोबाइल नंबर पर फोन करने के लिए कहा।
रिश्तेदार के साथ हादसे की बात कह कर जीता भरोसा
घर पहुंचने के बाद पीड़ित ने अपना दोस्त समझकर उस शख्स को फोन किया। उस शख्स ने बताया कि वह एक मुसीबत में फंस गया है। उसके मामा का बेटा सड़क हादसे में घायल हो गया है और उसे पैसे की जरूरत है। उसने दस हजार रुपये खाते में भेजने के लिए कहा।
पहले दस हजार, फिर 1.10 लाख रुपये मांगे
भगत सिंह ने दस हजार रुपये भेज दिए। कुछ देर बाद आरोपी ने दोबारा फोन किया और बताया कि उसने दस नहीं बल्कि 1.10 लाख रुपये मांगे थे। ग्रुप कैप्टन ने एक लाख रुपये भेजने की कोशिश की लेकिन तकनीकी कारणों से पैसा ट्रांसफर नहीं हो सका। उसके बाद उसने 50 हजार रुपये भेजे। दोबारा 50 हजार भेजने के दौरान तकनीकी खराबी आ गई।
इसी बीच ग्रुप कैप्टन की पत्नी ने पति को लगातार पैसे भेजते देख उन्हें ठगी किए जाने की बात से अवगत करवाया और अपने दोस्त के नंबर पर फोन करने के लिए कहा। पीड़ित ने अपने दोस्त को फोन किया तो पता चला कि वह अपने घर में है और उसने पैसे की मांग नहीं की है। यह सुनते ही पीड़ित के होश उड़ गए और उसने तुरंत द्वारका नार्थ थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत पर मामला दर्ज कर तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।