दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को 14 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने दोस्त को हथियार उपलब्ध कराए थे। साथ ही हत्या की वारदात में शामिल था। उसके दोस्त ने अपनी महिला मित्र की मां के प्रेमी की कई गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह के अनुसार सेक्टर-17, रोहिणी में रहने वाली रेनू सैनी (42) ने 12 सितंबर, 2008 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी बेटी के दोस्त रोबिन ने उसके साथ सहमति संबंधों में रह रहे मुन्ना सिंह (45) की उसके घर के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसकी बेटी की रोबिन से दोस्ती थी, जबकि वह और मुन्ना सिंह इन संबंधों का विरोध कर रहे थे।
रोबिन ने विक्रम के साथ हत्या की वारदात को अंजाम दिया
पुलिस को जांच में पता लगा कि रोबिन ने विक्रम के साथ हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। स्थानीय पुलिस ने रोबिन को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि विक्रम अभी तक फरार था। कोर्ट ने उसे दो मई 2009 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इंस्पेक्टर रमेश लांबा की देखरेख में एसआई विकास, रवि व एएसआई युद्धवीर की टीम ने विक्रम को 17 फरवरी का करनाल, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
रेनू और मुन्ना सिंह रिश्ते के खिलाफ थे
विक्रम (47) ने पूछताछ में बताया कि उसका पानीपत, करनाल व पंचकुला हरियाणा में संपत्ति का कारोबार था। उसके सोनीपत, हरियाणा निवासी दोस्त रोबिन मुजफ्फरनगर, यूपी स्थित गांव में आकर वर्ष 2008 में मिला था। रॉबिन को दिल्ली की एक लड़की से प्यार हो गया था। उसकी मां रेनू तलाकशुदा थी और उसका मुन्ना सिंह नामक व्यक्ति लिव-इन पार्टनर था। रेनू और मुन्ना सिंह इस रिश्ते के खिलाफ थे। वह रोबिन को बेटी से मिलने से रोकते थे।
विक्रम ने किया हथियार का इंतजाम
बताया जा रहा है कि रोबिन को यकीन हो गया था कि मुन्ना उसकी प्रेमिका पर भी बुरी नजर रखता है। 11 सितंबर, 2008 को रोबिन ने मुन्ना की हत्या की साजिश रची और उसने विक्रम से एक हथियार की व्यवस्था करने को कहा। विक्रम ने मुजफ्फरनगर निवासी शौकत से संपर्क कर रोबिन को हथियार दिलवा दिया। रोबिन ने 12 सितंबर, 2009 को रेनू के घर के बाहर मुन्ना को कई गोलियां मार दीं। रोबिन विक्रम के घर में छिपकर कुछ दिन रहा था। पुलिस ने उसे 25 अक्तूबर 2008 को गिरफ्तार कर लिया था। उसने विक्रम के नाम का खुलासा किया। तभी से विक्रम फरार था। वह हापुड़ में छिपकर भी रहा था।