दिल्ली में रह रहे पूर्वाचलवासियों के लिए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने खुशखबरी दी है। डीडीएमए ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के लोग अब सार्वजनिक स्थलों पर छठ मना सकते हैं। डीडीएमए ने आगे कहा कि यमुना नदी के किनारे छठ पूजा मनाने की अनुमति नहीं होगी, सिर्फ तय स्थानों पर ही छठ पूजा मना सकेंगे।
कोरोना के घटते केस के बीच डीडीएमए ने छठ पर्व के सार्वजनिक आयोजन की मंजूरी दे दी। कोविड प्रोटोकॉल के साथ दिल्ली सरकार की तरफ से चुने गए घाटों पर श्रद्धालु छठ पर्व मना सकेंगे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के हालत बेहतर हैं। ऐसे में तयशुदा छठ घाटों पर कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन किया जा सकेगा। सरकार सुनिश्चित करेगी कि छह घाटों पर कोरोना से बचने के लिए तय नियमों को लागू किया जाए। इसके लिए जल्द ही एक कार्य संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी होगी।
उपराज्यपाल व केंद्र सरकार से की थी गुजारिश
इससे पहले दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन की मंजूरी देने के लिए उपराज्यपाल व केंद्र सरकार से गुजारिश की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिखकर उपराज्यपाल से छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन को अनुमति देने का आग्रह किया था। वहीं, उपमुख्यमंत्री ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छठ के आयोजन की अनुमति मांगी थी।
आठ से शुरू होगी छठ पूजा
इस बार छठ पूजा की शुरुआत आठ नवंबर को नहाय खाय से हो रही है। नौ नवंबर को खरना है। 10 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, 11 नवंबर को सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का समापन हो जाएगा।