लंबे प्रयास के बाद दिल्ली में अब बेटियों की संख्या बढ़ने लगी है। एक हजार लड़कों पर बेटियों की संख्या अब बढ़कर 933 पहुंच गई है। यह जानकारी गुरुवार को दिल्ली सरकार ने देते हुए बताया कि साल 2020 में लिंगानुपात 933 दर्ज किया गया है। इससे पहले 2019 में यह 920 पर था।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लिंगानुपात दर में हुई वृद्धि सामाजिक जागरूकता का परिणाम है। ये बेहद खुशी की बात है कि हमारा समाज शिक्षित होकर बच्चियों का महत्त्व समझ रहा है। लिंगानुपात के अलावा दिल्ली में शिशु मृत्यु दर में भी कमी आई है। साल 2019 में यह 24.19 था जो अब कम होकर साल 2020 में 20.37 दर्ज किया गया है। सिसोदिया ने कहा कि शिशु मृत्यु दर में आई कमी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए बदलाव और सभी नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच का नतीजा है।
अर्थशास्त्र और सांख्यिकी निदेशालय की वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि दिल्ली में वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में लिंगानुपात दर में सकारात्मक वृद्धि हुई है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली में मातृ मृत्यु दर में भी कमी देखने को मिली है। साल 2019 में मातृ मृत्यु दर 0.55 थी जो 2020 में घटकर 0.54 प्रति हजार जन्म रह गई है। इनके अलावा दिल्ली में जन जागरूकता अभियान के भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
दिल्ली में जन्म दर 2019 की तुलना में 18.35 प्रति हजार की तुलना में घटकर वर्ष 2020 में 14.85 प्रति हजार रह गई। रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में 3,01,645 बच्चों ने जन्म लिया। जबकि इससे पहले 2019 में यह संख्या 3,65,868 थी। वहीं वर्ष 2019 में मृत्यु दर 7.29 के मुकाबले 2020 के दौरान घटकर 7.03 प्रति हजार रह गई है।