दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जेल में टिल्लू से पूछताछ की है। अपराध शाखा को रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या करने वाले दोनों शूटर राहुल और जयदीप के मोबाइलों से सिम कार्ड नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस इस सोच में पड़ गई है कि क्या शूटर बिना सिम के मोबाइल सिमकार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे।
ये बताया जा रहा है कि शूटर किसी और के वाई-फाई से मोबाइलों का इस्तेमाल कर रहे थे। शूटआउट के दौरान दोनों ही शूटरों के मोबाइल पर गोलियां लगी हुई हैं। ऐसे में दोनों फोन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अपराध शाखा शूटर व शूटरों को पनाह देने वाले दोनों आरोपियों के मोबाइल कों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि टिल्लू ताजपुरिया के खिलाफ इस बात के काफी सबूत मिले गए हैं कि उसने ही जितेंद्र गोगी की हत्या करवाई थी। शूटरों को पनाह देने वाले उमंग यादव व विनय यादव ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है कि टिल्लू के कहने पर ही उन्होंने शूटरों को पनाह दी थी और टिल्लू के कहने पर ही शूटरों ने जितेंद्र गोगी की हत्या की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोगी की हत्या के मामले में टिल्लू ताजपुरिया को मंडोली जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही नवीन बाली व सुनील राठी की भूमिका की जांच की जा रही है।
अपराध शाखा के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहिणी शूटआउट का बृहस्पतिवार को कोर्ट नंबर 207 में सीन-रीक्रिएट किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली पुलिस की सभी उन यूनिट को सूचना दे दी गई है जो शूटआउट के समय वहां मौजूद थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शूटआउट के सीन-रीक्रएशन से पुलिस को काफी अहम सुराग व साक्ष्य मिल सकते हैं। सीन-रीक्रएशन पुलिस वालों के बयानों के आधार पर किया जाएगा।