दूध के उधार ढाई लाख रुपये न देने को लेकर हलवाई ने खौफनाक साजिश रची। आरोपी ने बातों में उलझाकर दूधिया को अपने पास बिठाया और छोले-भटूरे खिलाए। उसी छोले-भटूरे में आरोपी ने जहरीला पदार्थ मिला दिया था, जिसके बाद गांव खानपुर के दूधिया बलजीत सिंह की हालत खराब हो गई। बलजीत ने इसकी जानकारी अपने दोस्त को दी।
गांव खानपुर का ही रहने वाला सुखविंदर सिंह रास्ते में पहुंचा और उसने बलजीत को निजी अस्पताल दाखिल कराया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना के बाद थाना डाबा की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद सुखविंदर सिंह की शिकायत पर लोहारा रोड जनता नगर स्थित पंडित जी हलवाई के मालिक ऊमा दत्त के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
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शिकायत के मुताबिक बलजीत सिंह ग्रामीण इलाकों से दूध इकट्ठा कर शहर में घरों और हलवाइयों को आपूर्ति करता है। आरोपी पंडित जी हलवाई का मालिक ऊमा दत्त भी उससे दूध लेता था लेकिन दूध की करीब ढाई लाख रुपये उधारी हो चुकी थी। बलजीत ने पैसे न मिलने पर दूध बंद कर दिया। बार-बार पैसे मांगने पर ऊमा दत्त पैसे नहीं दे रहा था और रोज कोई न कोई बहाना बना रहा था। जब दूध के पैसे नहीं मिल रहे थे दो उसका दोस्त बलजीत सिंह गांव के कुछ लोगों को लेकर आरोपी ऊमा दत्त के पास पहुंचा।
ऊमा दत्त ने उस समय फैसला किया कि वह उसके पैसे किस्तों में देगा। आरोपी ने 20-20 हजार के पांच चेक बतौर सिक्योरिटी बलजीत को दे दिए। चेक देने के बाद भी आरोपी ने पैसे नहीं दिए और टाल मटोल करता रहा। ऊमा दत्त को कई बार पैसे के लिए बोला लेकिन वह कुछ समय में देने का वादा करता रहा। कुछ समय पहले ऊमा दत्त ने बलजीत को फोन कर पैसे ले जाने की बात की लेकिन बलजीत किसी कारण से जा नहीं सका।
25 सितंबर को बलजीत ने अपने दोस्त सुखविंदर को फोन किया कि वह पैसे लेने जा रहा है और वह उसके साथ चले। सुखविंदर किसी कारण नहीं जा सका तो बलजीत पैसे लेने अपनी कार से अकेला ही चला गया। दुकान पर आरोपी ऊमा दत्त ने पैसे देने के बजाय बलजीत को अपने पास बैठा कर भटूरे खिला दिए। इसी दौरान उसने कोई जहरीला पदार्थ मिला दिया।
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रास्ते में बलजीत की तबीयत बिगड़ने लगी। उसने अपने दोस्त सुखविंदर को फोन कर जानकारी दी कि ऊमा दत्त ने उसे पैसे नहीं दिए और भटूरे खिलाए थे, जिसमें कुछ मिलाया था और अब उसकी तबीयत खराब हो रही है और उससे गाड़ी नहीं चल रही। वह तुरंत आकर उसे ले जाए।
सुखविंदर सिंह अपने भतीजे को साथ लेकर गया और रास्ते में बलजीत को लेकर वह घर पहुंचा लेकिन उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तो उसकी मां हरजिंदर कौर को साथ लेकर दोराहा के एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना डाबा के एसएचओ इंस्पेक्टर रोहित ने बताया कि आरोपी ऊमा दत्त अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।