नई दिल्ली। दक्षिण जिले की साइबर सेल ने देशभर के सैकड़ों युवाओं को बड़े बैंकों, एयरलाइंस और नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
ये दक्षिण दिल्ली के नेबसराय स्थित देवली के राजू पर्क में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। यहां छापा मारकर पुलिस ने मैनेजर, 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 19 मोबाइल फोन, 14 रजिस्टर व बड़ी तादाद में दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि उनकी टीम को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी। नेबसराय पुलिस के अलावा जिले की साइबर सेल ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पता लगाकर बृहस्पतिवार को राजू पार्क के ए-166, ग्राउंड फ्लोर में छापा मारा।
वहां 12 टेली कॉलर और एक मैनेजर मिला। पुलिस ने सभी आरोपियों आशीष कुमार, आकांक्षा, करुणा शर्मा, सुजाता गुर्जर, शिवानी, नेहा, बरखा, सोनाली, सलोनी, रिंकी, दीप्ति दास, नेेहा, स्नेहा के खिलाफ नेबसराय थाने में धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि प्रह्लादपुर निवासी आशीष कुमार सरगना है। वह बंटी के साथ मिलकर इस फर्जी कॉल सेंटर को चला रहा था। बंटी हाथ नहीं आया है। आशीष ने खुलासा किया कि नौकरी दिलवाने वाली वेबसाइटों पर जो बेरोजगार जॉब के लिए आवेदन करते थे, वे वहां से उनका डाटा ले लेते थे। यह डिटेल अपने कॉल सेंटर में बैठी लड़कियों को दी जाती थी। युवतियां कॉल कर उन्हें फंसाती थी। सभी लड़कियों को हर माह वेतन के साथ कमीशन भी दिया जाता था।
कॉल सेंटर पर बातचीत के दौरान एक बार युवा नौकरी के लिए इच्छा जताता तो उससे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2000 रुपये ऑनलाइन जमा कराए जाते थे। इसके बाद बताया जाता कि नौकरी दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। फिर अन्य मदों का झांसा देकर और रुपये मंगवाए जाते। बाद में आरोपी अपने मोबाइल बंद कर लेते थे।