रोहिणी शूटआउट में बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोपियों की आई-10 कार पर वकील का स्टीकर लगा हुआ था। इस कारण आरोपियों को कोर्ट में घुसने में कोई परेशानी नहीं हुई है। वकीलों की ड्रेस इन्होंने पहन रखी थी। स्पेशल सेल ने विनय व उमंग की गिरफ्तारी के साथ ही इस कार को जब्त कर लिया है। दूसरी तरफ उमंग ने लॉ की प्रेक्टिस कर रखी है। उसके पास वकील की ड्रेस पहले से थी। वह भी कोर्ट में वकील की ड्रेस में गया था।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार उमंग कोर्ट के बाद कार को लौटाकर सीधा अपने घर गया। शूटआउट से पहले उसने दाढ़ी बढ़ा रखी थी। घर जाकर इसने पुलिस से बचने के लिए अपनी दाढ़ी काट ली थी। इसके बाद ये अपने घर में ही रहा था। स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर विनोद बडौला की टीम ने उमंग व विनय को शूटआउट के कुछ समय बाद ही पकड़ लिया था। हैदरपुर में रहने वाले उमंग ने बीए के बाद एलएलबी करना शुरू किया था। एलएलबी के चौथे साल में वह फेल हो गया था। इस कारण इसने लॉ छोड़ दी थी। इसने कोर्ट में प्रैक्टिस भी कर रखी है।
उमंग का पिता बुराडी अथॉरिटी में दलाल है और विनय का पिता डीटीसी में ड्राइवर है। इनके पिताओं की भी आपस में दोस्ती थी। विनय उमंग का चचेरा भाई है। दोनों एक ही मुहल्ले में रहते हैं। उमंग ने विनय को जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश में 22 सितंबर को शामिल किया था। विनय को पूरी साजिश का पता था। उमंग की निशानदेही पर एक पिस्टल मिली है। उसे पिस्टल कुछ महीने पहले टिल्लू ने दिलवाई थी। पिस्टल मिलने पर उमंग के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस भी स्पेशल सेल ने दर्ज कर लिया है। दोनों के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।