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दिल्ली: सिरसा को प्रमाण पत्र नहीं दिया तो निदेशक पर फेंका जूता, बादल गुट के आत्माराम ने किया हमला

Fri, 10 Sep 2021 09:27 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय में गुरुवार को बादल गुट के सदस्य आत्माराम लुभाना ने कार में बैठने के दौरान निदेशक पर जूता फेंका। गनीमत यह रही कि जूता निदेशक को नहीं लगा, लेकिन जूता कार के दरवाजे के बीच आ गया।  
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निदेशक पर फेंका जूता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय में बृहस्पतिवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की दो को-आप्सन सीटों पर चुनाव के बाद शिरोमणी अकाली दल बादल के कुछ नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान बादल दल के सदस्य आत्माराम लुभाना ने कार में बैठने के दौरान निदेशक पर जूता फेंका। 
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हालांकि जूता निदेशक को नहीं लगा, लेकिन जूता कार के दरवाजे के बीच आ गया। शिरोमणी अकाली दल बादल के नेता और कार्यकर्ता दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा को शिरोमणी कमेटी की ओर से कमेटी का नामजद सदस्य बनाने का प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने पर नाराज थे। वे सिरसा को प्रमाण पत्र जारी करने की मांग कर रहे थे, लेकिन विपक्ष की आपत्ति के कारण निदेशक ने उनका प्रमाण पत्र जारी नहीं किया।

वहीं इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारी ने कहा कि गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में धारा 186, 353, 506, 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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बादल गुट की दोनों सीटें जीतने की मंशा नहीं हुई पूरी
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की दो को-आप्सन सीटों पर शिरोमणी अकाली दल बादल की जीतने की मंशा पूरी नहीं हो सकी। विपक्षी दलों ने एकता दिखाते हुए एक सीट पर बाजी मार ली। विपक्ष के उम्मीदवार परमजीत सिंह सरना ने चुनाव में उतरे तीनों उम्मीदवारों में सबसे अधिक वोट प्राप्त किए। 

वहीं, दूसरी सीट पर बादल गुट की जीत सुनिश्चित है। हालांकि हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के कारण चुनाव परिणाम अभी घोषित नहीं किए गए। कोर्ट शुक्रवार को चुनाव परिणाम का एलान करेगा।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दो को-आप्सन सीटों के चुनाव में बादल गुट ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारे, थे, वहीं विपक्षी दलों ने शिरोमणी अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना का उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में विपक्षी दल एकता बनाए रखने में कामयाब रहे। 

इस कारण बादल गुट क्रॉस वोट कराने में कामयाब नहीं रहा और उसकी दोनों सीटों पर जीत हासिल करने की मंशा पूरी नहीं हो चुकी। दरअसल बादल गुट को विपक्षी सदस्यों के टूटने की उम्मीद थी। कमेटी के चुनाव के बाद सरना गुट ने एक सदस्य ने बादल गुट का दामन थाम लिया था।

चुनाव में कमेटी के समस्त 46 सदस्यों ने हिस्सा लिया, इनमें बादल गुट के 28, सरना गुट के 13, जागो गुट के तीन, पंथक अकाली लहर के एक और एक निर्दलीय सदस्य शामिल है। चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार परमजीत सिंह सरना को 18 वोट मिले, जबकि बादल गुट के विक्रम सिंह को 15 व जसविंदर सिंह जौली 12 वोट मिले। 

बादल गुट के एक सदस्य की वोट को हाई कोर्ट के आदेश पर सील बंद किया गया है। दरअसल उनके चुनाव को जिला न्यायालय में चुनौती दी हुई है। इस कारण हाईकोर्ट के आदेश की वजह से दोनों को-आप्सन सीटों के विजेताओं के नामों की दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय ने आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन वोटों की गिनती की वजह से सरना व विक्रम सिंह रोहिणी की जीत तय मानी जा रही हैं।

दूसरी ओर निदेशालय ने कमेटी में दो सिंह सभा अध्यक्षों को सदस्य बनाने की प्रक्रिया स्थागित कर दी। दरअसल विपक्षी दलों ने दिल्ली के पंजीकृत 282 सिंह सभा गुरद्वारों की सूची जारी में कई खामियां बताई। वहीं विपक्षी दलों ने दिल्ली कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को शिरोमणी कमेटी की ओर से अपने कोटे का नामजद सदस्य बनाने का भी विरोध किया है।
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