गोरखपुर में व्यापारी की रहस्यमयी मौत पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता ने एक युवा व्यापारी की जान ले ली। ये बहुत ही दुखद और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, ये उसी का दुष्परिणाम है। संलिप्त लोगों पर हत्या का मुकदमा चले और उत्तर प्रदेश को हिंसा में धकेलनेवाले इस्तीफा दें।
बता दें कि गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के तारामंडल रोड पर स्थित कानपुर के बर्रा के व्यापारी मनीष गुप्ता (36) की सोमवार की देर रात रहस्यमय हाल में मौत हो गई। साथ में आए दोस्तों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर आधी रात आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी जिससे बचने को वह भागा और गिरने से उसकी मौत हो गई।
जबकि पुलिस का कहना है कि मनीष नशे में था और बिस्तर से उठते ही लड़खड़ा कर गिर गया जिससे मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रभारी निरीक्षक जगत नारायण सिंह व चौकी इंचार्ज सहित छह पुलिस कर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के बर्रा निवासी मनीष गुप्ता अपने दोस्त प्रदीप सिंह और हरवीर सिंह के साथ गोरखपुर घूमने आया था। सिकरीगंज के चंदन सैनी से तीनों की पुरानी दोस्ती थी। उसने ही कृष्णा पैलेस में अपने नाम पर रुम बुक कराया था। सोमवार की रात पुलिस चेकिंग करने के लिए पहुंची थी।
इस दौरान एक रुम में तीन लोगों के मौजूद होने पर कमरे में जाकर पुलिस चेकिंग करने लगी। इसी दौरान मनीष रहस्यमय तरीके से गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आनन फानन पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल गई फिर मेडिकल कॉलेज लेकर गई। जहां पर उसकी मौत हो गई।
होटल के बाहर हंगामा
मौत की खबर पाने के बाद जुटे दोस्त होटल के बाहर जमकर हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि पुलिस की पिटाई से मौत हुई है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। बाद में मौके पर शाहपुर पुलिस को भेजा गया ताकि आक्रोश को कम किया जा सके।