सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लॅारेंस बिश्रोई व गोल्डी बराड़ गिरोह को पंजाब के दविंदर बंबिहा गिरोह के शूटर नीरज गुप्ता उर्फ चस्का की हत्या करनी थी। इसके लिए गोल्डी ने शूटरों को निर्देश दे दिए थे। जांच में ये बात सामने आई है कि सिद्धू की हत्या के लिए विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। ग्लाक पिस्टल व हैंडग्रेड चीन के हैं। कुछ हथियार चेकोस्लोविया के हैं।
स्पेशल सेल के अधिकारी मान रहे हैं कि तस्करी करके इन विदेशी हथियारों को भारत लाया गया है। पुलिस हथियारों की पूरी चेन को खंगालने में लगी है। इसके लिए हिसार-सिरसा से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। शूटरों ने 27 मई को भी उसका कई किमी तक पीछा किया था तब भी संदीप उर्फ केकड़ा ने मुखबिरी की थी।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों से सूचना मिली है कि लॉरेंस बिश्रोई-गोल्डी बराड़ व दविंदर सिंह बंबिहा गिरोह में जल्द ही गैंगवार होनी थी। लॅारेंस बिश्रोई-गोल्डी बराड़ गिरोह को बंबिहा गिरोह के शूटर चस्का की हत्या करनी थी।
27 मई को संदीप केकड़ा ने मुखबिरी की थी
प्रियव्रत ने ये भी खुलासा किया है कि संदीप उर्फ केकड़ा ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए मुखबिरी की थी। 27 मई को वह गार्डों के बिना घर से कोर्ट के लिए निकला था, लेकिन उसकी कार की रफ्तार ज्यादा होने से बच गया। साथ ही केकड़ा को मुखबिरी करने में कुछ देर हो गई थी। शूटरों ने काफी दूर तक मूसेवाला का पीछा किया था।
लकी गौरव पटियाल चला रहा है बंबिहा गिरोह
2016 में पंजाब पुलिस की मुठभेड़ में दविंदर सिंह बंबिहा मारा गया था। अब इस गैंग को आर्मेनिया में बैठा गैंगस्टर लकी गौरव पटियाल चलाता है। मोगा जिले के बंबिहा गांव में जन्मे दविंदर बंबिहा का असली नाम दविंदर सिंह सिद्धू था। पहले वह कबड्डी खिलाड़ी था। 2010 में जब वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था तब उसका नाम हत्या के एक मामले में सामने आया था।