आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार द्वारा बिजली के बिलों पर 20 प्रतिशत टैक्स लगाने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार ने केवल प्राइवेट कंपनियों को ही जनता को लूटने का लाइसेंस ही नहीं दिया है, बल्कि खुद भी जनता को लूटने में लगी हुई है।
पार्टी ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस समय दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है, वहीं पंजाब सरकार अपने नागरिकों से तरह-तरह के टैक्स वसूल रही है।
उन्होंने कहा कि जहां चंडीगढ़, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सरकार बिजली के बिलों पर एक से पांच फीसदी तक टैक्स वसूल रही हैं, वहीं पंजाब सरकार 20 फीसदी टैक्स वसूल रही है।
इसमें 13 फीसदी बिजली ड्यूटी, 5 प्रतिशत इंफ्रा टैक्स, 2 फीसदी म्युनिसिपल टैक्स शामिल है। इसके अलावा दो पैसे प्रति यूनिट गाय टैक्स (सेस ) अलग से वसूल रही है। इसके परिणामस्वरूप बिजली टैक्स 20 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है।