कोरोनेशन पार्क में ऐतिहासिक राज्याभिषेक स्तंभ और राज युग की मूर्तियों के चारों ओर उगी हुई घास, लॉन और रास्ते बारिश के पानी से भरे हुए हैं। यह उस ऐतिहासिक पार्क का दृश्य है जहां 1911 में ‘नई दिल्ली’ का जन्म हुआ था। इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि तीसरा दिल्ली दरबार इसी स्थान पर आयोजित किया गया था, जहां किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी को 12 दिसंबर 1911 को भारत के सम्राट और महारानी के रूप में राज्याभिषेक किया गया था और ब्रिटिश सम्राट ने राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरण करने की घोषणा की थी।
विशाल विरासत स्थल, बुराड़ी मैदान के बगल में स्थित
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के तहत आने वाला विशाल विरासत स्थल, बुराड़ी मैदान के बगल में स्थित है। कोरोनेशन पार्क में आगंतुकों को लंबे समय तक रूकने की अनुमति नहीं दी जा रही है, क्योंकि अर्द्धसैनिक बल के जवान इसके परिसर की एक इमारत में ठहरे हुए हैं। किंग जॉर्ज पंचम और चार वायसराय-लॉर्ड हार्डिंग, लॉर्ड विलिंगडन, लॉर्ड इरविन और लॉर्ड चेम्सफोर्ड की संगमरमर से बनी भव्य प्रतिमाओं के आसपास बारिश का पानी जमा हो गया है।
कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी
नांगलोई जल शोधक की पाइप लाइन लीक होने के कारण कई इलाकों में मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की रात तक पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इन इलाकों में पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के इलाके के शामिल है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार नांगलोई एवं उसके आसपास बसी कई कालोनी, मुंडका, हिरण कुदना, कमरुद्दीन नगर, निहाल विहार, रणहौला, बक्करवाला, ज्वालापुरी, राजधानी पार्क, फ्रेंड्स एन्क्लेव, कविता कॉलोनी, मोहन गार्डन, विकास नगर, उत्तम नगर, हस्तसाल, दिचाऊं कलां, झाड़ौदा, मितराऊं, गोपाल नगर, सैनिक एन्क्लेव, छावला, बडूसराय, दौलतपुर, हसनपुर, खड़खड़ी, झुलझुली, उजवा, रावता, समसपुर, जाफरपुर कलां, खैड़ा डाबर, मलिक पुर, मुंडेला खुर्द और मुंडेला कलां, बाकरगढ़, काजीपुर, ईसापुर, ढांसा, शिकारपुर, घुमनहेड़ा, झटीकरा, राघोपुर आदि गांवों और कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति नहीं आएगा।