दिल्ली विधानसभा में बजट पेश होने के साथ ही ‘आईएसआई गो-बैक’, ‘पाकिस्तानी गो बैक’, ’मोदी जी शर्म करो’ के नारे लगे। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के नेतृत्व में ‘आप’ के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर नारेबाजी की।
विधायकों का कहना था कि आजाद भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जिन्होंने बम धमाका किया, हजारों लोगों की जान ली, उन्हें मेहमान बनाकर दिल्ली लाया गया है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि हम किसी भी हालत में आईएसआई और उसकी पाकिस्तानी टीम को पठानकोट में घुसने नहीं देंगे। मोदी सरकार ने पाकिस्तान के सामने घुटने टेक दिए हैं।
पाकिस्तानी जांच टीम
- फोटो : जी पॉल/अमर उजाला, नई दिल्ली
वहीं कपिल मिश्रा ने कहा कि आतंकवादी घटनाएं होती रही हैं लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ कि पाकिस्तान से जांच टीम आई हो। पाकिस्तान ही लोगों को मारेगा व पाकिस्तान ही बताएगा कि किसने मारा।
जांच टीम में तनवीर अहमद नाम का व्यक्ति आईएसआई से जुड़ा है। भारत को अपनी जांच टीम पाकिस्तान भेजनी चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिये पकिस्तान की टीम दिल्ली आई हुई है।
यह टीम पठानकोट भी जाने वाली है। इस मामले में कुछ भारतीय अधिकारियों की पूछताछ भी पाकिस्तानी जांच टीम द्वारा किए जाने की बात की जा रही है।
हाफिज सईद पाकिस्तान में है या भारत में है
दिल्ली विधानसभा में विरोध
- फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
कपिल मिश्रा का कहना है कि इस जांच टीम में तनवीर अहमद नाम का व्यक्ति आईएसआई से जुड़ा है। यह कहीं से बर्दास्त नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान जांच करने आए और वही हमले भी करे।
कपिल मिश्रा का कहना है कि 'एक तरफ मोदी सरकार कहती है कि हमले पकिस्तान से करवाए गए हैं तो वही देश कैसे जांच करने आ सकती है।
क्या वे सबूत इकट्ठा करने भारत आए है। पाकिस्तान आर्मी भारत यहां जांच करने क्यों आई है, हाफिज सईद पाकिस्तान में है या भारत में है।