एसडीएम कोमल पंवार माता-पिता के साथ
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एक के बाद एक सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली मोदीनगर की कोमल पंवार पापा की इच्छा पूरी करने के लिए प्रशासनिक सेवा में आई। दिल्ली पुलिस में उपनिरीक्षक पिता के लिए कोमल ने सरकारी शिक्षक की नौकरी छोड़ दी। कड़ी मेहनत कर प्रशासनिक सेवा में जाने का रास्ता साफ किया।
वह पीसीएस एलाइड पास कर नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुई लेकिन उन्होंने अपना सफर जारी रखा और यूपीपीएससी की परीक्षा पास कर पीसीएस बन गईं। पीसीएस में उन्हें 74वीं रैंक मिली है। उनका चयन एसडीएम पद पर हुआ है।
मूलरूप से बागपत जिले के सुनहेड़ा गांव निवासी कोमल पंवार किसान परिवार से हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह पंवार दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर है। कोमल का कहना है कि उनका शौक टीचिंग था। 2011 से दिल्ली के सरकारी स्कूल में टीचिंग कर रही थीं।
पापा चाहते थे कि वह सिविल सर्विस में जाएं। पिता की इच्छा को देखते हुए तैयारी शुरू की। कोमल का कहना है कि सफलता में वैसे तो पूरे परिवार का सहयोग है मगर का पापा का सहयोग अतुलनीय है। इसके लिए पिता को धन्यवाद देते हुए कोमल कहती हैं कि करिअर और सफलता में जो सहयोग उनके पिता ने किया उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।