जिले के स्पेशल स्टाफ निरीक्षक अमित कुमार, सब इंस्पेक्टर कुलदीप और विजेंद्र की टीम ने जांच के दौरान घर और आस पास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। भागने के दौरान एक बदमाश का हेलमेट गिर गया था। जब उस बदमाश के फोटो को परिवार वालों को दिखाया गया तो उनलोगों ने अपने एक साल पुराने ड्राइवर राजा के होने का शक जताया। पुलिस टीम तुरंत राजा के दिए गए पते वजीरपुर पहुंची। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राजा यहां से अपनी झुग्गी बेचकर जा चुका है। आस पास के लोगों और राजा के ड्राइवर दोस्तों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह बुधविहार में शिफ्ट कर गया है। पुलिस की टीम वहां राजा के घर का पता लगाकर उसे दबोच लिया। उसके निशानदेही पर पुलिस ने उसके बेटे और साथी को पकड़ लिया। इनके निशानदेही पर पुलिस खून से सना कपड़ा पंजाबीबाग के सड़क किनारे से बरामद कर लिया। जबकि बदमाशों ने बताया कि खिलौने वाली पिस्टल को अशोक विहार इलाके में फेंक दिया था। जिसकी बरामदगी का प्रयास कर रही है।
बदला, बेटे का शौक और कर्ज चुकाने के लिए दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब एक साल पहले महेश गुप्ता ने राजा को काम से निकाल दिया था। जिसकी वजह से वह उनसे बदला लेना चाहता था। इस बीच राजा का बेटा उस पर स्मार्ट फोन खरीदने का दवाब दे रहा था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि पेशे से ड्राइवर का काम करने वाला राजा अब जुआ खेलने लगा था। जिससे उस पर काफी कर्ज हो गया था। पैसे की चाहत में उसने अपने पुराने मालिक के घर लूटपाट की योजना बनाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विपिन इसका हेल्पर का काम करता है। गिरफ्तार तीनों आरोपी पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।