पिता द्वारा अपनी ही पुत्रियों से रेप का मामला अत्यंत गंभीर व जघन्य अपराध के समान है। ऐसे व्यक्ति से किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं बरती जा सकती।
हाईकोर्ट ने उक्त टिप्पणी अपनी ही दो नाबालिगों से रेप करने वाले दोषी की अपील रद्द करते हुए की। अदालत ने उसे मिली 10 वर्ष कैद की सजा को बहाल रखा है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने 20 अक्तूबर को सुनाए अपने फैसले में दोषी पिता के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है।