वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का आम आदमी पार्टी (आप) से मोहभंग होने के बाद मुख्यमंत्री और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका की पैरवी के लिए अब नया वकील नियुक्त करना पड़ेगा।
केजरीवाल ने हाईकोर्ट को बताया कि वे तय नहीं कर पाए है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मानहानि मामले में उन्हें जेल भेजने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को जारी रखा जाए या नहीं।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति आशुतोष की खंडपीठ के समक्ष पेश केजरीवाल के अधिवक्ता ने कहा कि अधिवक्ता प्रशांत भूषण अब इस मामले में पेश नहीं होंगे।