उत्तम नगर की रहने वाली निशा रानी ने साइबर सेल में ठगी की शिकायत की। शिकायत में बताया कि उसे परिवार समेत ऋषिकेश जाना था। वह 17 जून को गूगल पर ऋषिकेश के आश्रमों की जानकारी हासिल कर रही थी। सर्च के दौरान उसे वनप्रस्थ आश्रम की जानकारी मिली। आश्रम में कमरा बुक करने के लिए उसने चैट पर बात की। चैट करने के दौरान उसे एक मोबाइल नंबर दिया गया और उस पर संपर्क करने के लिए कहा गया। पीड़िता ने उस नंबर पर फोन किया। फोन उठाने वाले ने अपना नाम शास्त्री बताया। उसने कहा कि दो कमरे बुक करने के लिए अभी ऑनलाइन पेमेंट करनी होगी। उसने पीड़िता को एक बार कोड भेजा। पीड़िता ने बार कोड स्कैन करने के बाद दो हजार रुपये भेज दिए।
खाते से तीन बार निकाले रुपये
कुछ देर बाद उसी नंबर से पीड़िता के पास फोन आया। जिसमें उसने बताया कि वह एक कोड 49856 भेज रहा है, जिसे वह पेटीएम खोलकर उस पर डालकर पे पर क्लिक कर दें। पीड़िता के ऐसा करने पर उसके बैंक खाते से 49856 रुपये निकल गए। पैसे कट जाने की बात कहने पर आरोपी ने कहा कि वह इस बार कोड स्कैनर भेज रहा है, जिसे स्कैन करने पर उसके पैसे वापस आ जाएंगे। पीड़िता के ऐसे करने पर उसके खाते से 20 हजार रुपये और निकल गए। पीड़िता ने फिर फोन कर उसे इस बात की जानकारी दी।
इस पर आरोपी ने बताया कि उसका अकाउंट डेबिट पे पर था अब क्रेडिट पे पर कर दिया है। उसने कहा कि वह एक बार फिर बार कोड भेज रहा है। जिसे स्कैन करते ही सारे पैसे वापस खाते में आ जाएंगे। पीड़िता के ऐसा करने पर एक बार फिर उसके बैंक खाते से 30 हजार रुपये निकल गए। लगातार पैसे निकलने पर पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उसने इसकी शिकायत साइबर सेल में की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर छानबीन करने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की तकनीकी जांच कर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है।