घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन के मामले में कार्रवाई की बात की थी। अब पुलिस ने इस संबंध में सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के विरोध-प्रदर्शन कर सरकारी आदेश का उल्लंघन हुआ है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। मामले की छानबीन जारी है।
मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन के मामले में अभी किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम सामने नहीं आया है। मामले की छानबीन जारी है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी प्रदर्शन के मामले से पल्ला झाड़ लिया था। उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता कि किसने और किसके कहने पर प्रदर्शन किया। पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि शुक्रवार को करीब 1500 लोग जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने आए थे। नमाज खत्म हुई तो करीब 250-300 लोग बाहर गेट नंबर-एक की ओर आकर प्रदर्शन करने लगे। अमूमन जामा मस्जिद के बाहर पुलिस बल तैनात रहता ही है, शुक्रवार को एहतियात के तौर पर और भी जवानों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के फौरन बाद हालात पर काबू कर लोगों को वहां से हटा दिया।