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Noida News: 4 से 5 हजार रुपये में हर तरह के ऑपरेशन का देते थे झांसा

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जीके के मेडिकल सेंटर में मौत का खेल : चारों आरोपियों को पांच-पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया
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4 से 5 हजार लेता था जसप्रीत एक मरीज के कागज बनाने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ग्रेटर कैलाश-1 स्थित अग्रवाल मेडिकल सेंटर में मौत के खेल मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल सेंटर का मालिक डाॅ. नीरज अग्रवाल 4 से 5 हजार रुपये में हर तरह के इलाज या ऑपरेशन का झांसा देकर मरीजों को बुलाता था। इसके बाद मरीज से तरह-तरह के बहाना बनाकर 40 से 45 हजार रुपये वसूले जाते थे। जांच में ये बात भी सामने आई है कि डाॅ. जसप्रीत के अलावा आरोपी नीरज की मां भी मरीजों के फर्जी कागजात (समरी) बनाती थी।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ग्रेटर कैलाश-एक थानाध्यक्ष अजीत कुमार की टीम ने आरोपी डाॅ. नीरज (एमबीबीएस), पत्नी पूजा अग्रवाल (पहले घरेलू सहायक), महेंद्र (लैब तकनीशियन) और डॉ. जसप्रीत एमबीबीएस (एमएस, सर्जन) को बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में पेश किया। साकेत कोर्ट के एमएम अश्विनी पंवार ने चारों को 5-5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर प्रेम सिंह, एसआई अनिल, श्रीभगवान, एसआई राकेश व विनोद की टीम ने आरोपियों ने पूछताछ शुरू कर दी। जांच में पता लगा कि मुख्य आरोपी डाॅ. नीरज मरीज को 4 से 5 हजार रुपये में पथरी आदि के ऑपरेशन करने का झांसा देता था। संगम विहार, तुगलकाबाद, गोविंदपुरी, ओखला, अंबेडकर नगर आदि जगहों के गरीब परिवार आरोपी के झांसे में आ जाते थे। जब मरीज अग्रवाल मेडिकल सेंटर में भर्ती हो जाता था तो ये पहले उसे इंजेक्शन लगाते थे। फिर कहते थे कि विशेष तरह का इंजेक्शन लगाया गया है जिसके 5 हजार रुपये देने होंगे। कभी गर्भवती को कहते थे कि बच्चे ने पेट में शौच कर दी है जिससे बच्चे व मां को खतरा है। इसके बाद ये मरीज को डराकर 5 हजार रुपये और ऐंठ लेते थे। इस तरह विभिन्न बहाने बनाकर कुल 40 से 45 हजार रुपये ऐंठते थे।
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साल में 3 हजार लोगों के ऑपरेशन
नीरज ने जांच में बताया है कि वह एक वर्ष में तीन हजार से ज्यादा मरीजों के ऑपरेशन करता था। ऐसे में पुलिस ये जांच कर रही है कि इनमें से कितने मरीजों की मौत हुई है, क्योंकि सेंटर में एक भी सर्जन डॉक्टर नहीं था। ऐसे में मरीज की जान हमेशा खतरे में रहती थी। पत्नी पूजा व टेक्नीशियन महेंद्र ऑपरेशन करते थे।
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नीरज की मां भी फर्जी कागजात बनाती थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नीरज के माता-पिता भी डाक्टर हैं। मां गायनी की डॉक्टर है। अग्रवाल मेडिकल सेंटर में डिलीवरी भी पूजा व महेंद्र कराते थे। ऐसे में महिलाओं की जान को पूरा खतरा था। मां डिलीवरी के कागजात बनाती थी, जबकि अन्य ऑपरेशन के डाॅ. जसप्रीत कागजात बनाता था। नीरज की मां की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस मां की लोकेशन पता कर रही है कि ऑपरेशन के समय वह क्लीनिक में थी या नहीं। साथ ही, उसने कितनी महिलाओं के कागजात बनाए हैं।
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