नोएडा। दिल्ली में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। तंजानिया से आया एक शख्स ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला है। ऐसे में जिले का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में 15-15 बेड के दो वार्ड तैयार कर लिए गए हैं। सभी बेड पर ऑक्सीजन का इंतजाम किया गया है। ओमिक्रॉन की चपेट में आए हल्के लक्षण वाले मरीजों को नोएडा के कोविड अस्पताल में रखा जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों को ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स जा जाएगा। जिम्स में 50 बेड की व्यवस्था की गई है।
सीएमएस डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि कोविड अस्पताल में पहली मंजिल पर आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि तीसरी मंजिल पर तीसरी लहर से निपटने के लिए ऑक्सीजनयुक्त 70 बेड की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। सरकार के निर्देशानुसार ओमिक्रॉन से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल की चौथी मंजिल पर दो अलग वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें कुल 30 बेड की व्यवस्था की गई है। हालांकि, अभी कोई मामला जिले में नहीं आया है। ओमिक्रॉन की पुष्टि होने के बाद मरीजों को क्वारंटीन किया जाएगा। अलग वार्ड के लिए डॉक्टरों, नर्सों व कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी जरूरी दवाओं का इंतजाम किया गया है।
अलग लिफ्ट से सीधे वार्ड में जाएंगे मरीज
ओमिक्रॉन के मरीजों के लिए कोविड अस्पताल में अलग लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। ऐसे मरीजों को लिफ्ट के जरिये सीधे चौथी मंजिल पर बने वार्ड में भेजा जाएगा। लिफ्ट का इस्तेमाल अन्य किसी के लिए प्रतिबंधित होगा। पहली मंजिल पर बनी इमरजेंसी और तीसरी मंजिल पर बने कोरोना के पुराने वार्ड से ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों का कोई संपर्क नहीं होगा।
कोविड अस्पताल में अब कोई मरीज नहीं
सेक्टर-39 कोविड अस्पताल में अब कोई मरीज भर्ती नहीं है। जनपद में शनिवार तक 22 कोरोना के सक्रिय मामले थे, इनमें सभी मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। कोविड अस्पताल में 84 वर्षीय महिला भर्ती थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी, लेकिन सांस लेने में तकलीफ के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। अब इस महिला को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है।