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दूध टैंकर, बस-ट्रक की छत पर मजबूरी में किया सफर

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यमुना एक्सप्रेसवे पर दूध के टैंकर पर यात्रा करते लोग। संवाद - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। दिवाली पर शहर और कस्बों से घर जाने के लिए निकले सैकड़ों यात्रियों को सफर में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सार्वजनिक यातायात व्यवस्था बुरी तरह नाकाम साबित हुई। बसों के नहीं मिलने से ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर समेत सभी मुख्य बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। आलम यह था कि परेशान यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर मजबूरी में दूध के टैंकर, बसों और ट्रकों की छतों पर बैठकर सफर किया।
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परी चौक पर सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्री पहुंचना शुरू हो गए। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा, लेकिन लोगों को परी चौक पर बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। यूपी रोडवेज की बसें 30 मिनट से दो घंटे में मिल रही थीं। लोगों की मजबूरी का फायदा निजी बसों ने उठाया और मनमाना किराया वसूला। सूरजपुर से कासना रोड पर भी लोगों को बस नहीं मिली। निजी वाहन या ऑटो की मदद से लोग परी चौक पर पहुंचे। ग्रेनो डिपो के अफसरों का कहना है कि कुल 128 बसों को रूट पर उतारा गया था। हर बस के फेरों को दोगुना कर दिया गया था। कुछ समय बसों की दिक्कत रही, लेकिन बाद में संचालन सामान्य रहा। इधर, परी चौक के पास रोड पर बस खड़ी होने के कारण परी चौक पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। वाहन चालकों को दिन पर जाम का सामना करना पड़ा।
जान जोखिम में डालकर किया सफर
जेवर (संवाद)। परिवहन विभाग की खराब व्यवस्था के कारण लोग जान को जोखिम में डालकर सफर करने को तैयार दिखे। यमुना एक्सप्रेसवे पर लोग निजी वाहनों से लटककर घर पहुंचे। साथ ही, कुछ युवा दूध के टैंकर पर लटके दिखे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुकमचंद शर्मा का आरोप है कि परिवहन विभाग के अधिकारियों की डग्गामार वाहनों के मालिकों से सांठगांठ रहती है। इसी कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर बसों की संख्या में इजाफा नहीं किया गया।
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बाइपास से निकली बसें, दादरी में परेशान रहे यात्री
दादरी (संवाद)। दादरी तिराहे पर यात्री रोडवेज बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन चालक बसों को लेकर बाइपास से निकल गए। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ बसें दादरी में पहुंची थीं, लेकिन वह भरी थीं। ऐसे में यात्री बसों की छत पर सवार हो गए। काफी यात्री दादरी से निकलकर पैदल चिटहेरा और धूममानिकपुर के पास बाइपास पर पहुंचे। यहां से यात्रियों ने बस पकड़ी।
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