ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी बसपा के पूर्व लोकसभा प्रभारी संजय भाटी व उसके साथियों के खिलाफ सीबीआई के केस दर्ज करने के बाद दूसरे राज्यों की पुलिस भी शिकंजा कस रही है। बृहस्पतिवार को राजस्थान पुलिस संजय भाटी, विजय कसाना और राजेश भारद्वाज को जिला कारागार से प्रोडक्शन रिमांड पर ले गई थी। शुक्रवार को राजस्थान की अदालत ने आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। अब, राजस्थान के मुहाना थाने की पुलिस फर्जीवाड़े के संबंध में आरोपियों से पूछताछ करेगी।
निवेशकों के अधिवक्ता का कहना है कि सात दिन बाद राजस्थान के अन्य थानों की पुलिस भी आरोपियों की रिमांड मांगेगी। फर्जीवाड़े में सबसे पहला केस जयपुर निवासी सुनील मीणा ने दर्ज कराया था। मीणा के अलावा भी राजस्थान के बड़ी संख्या में निवेशकों को ठगा गया था। आरोपियों ने वहां ई-बाइक लांच करने का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाया था। राजस्थान के निवेशक लगातार आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का प्रयास कर रहे हैं। मुहाना थाने में दर्ज केस के सिलसिले में तीनों आरोपियों को राजस्थान पुलिस ले गई थी।
आरोपियों को देखकर फूटा निवेशकों का गुस्सा
गाढ़ी कमाई फर्जीवाड़े में फंसा चुके राजस्थान के निवेशक अदालत में पेशी के दौरान आरोपियों को देखकर एकत्रित हो गए। अदालत परिसर में ले जाने के दौरान निवेशकों ने नारेबाजी कर आरोपियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वहीं, वकील भी आरोपियों के खिलाफ लामबंद नजर आए। वकील प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में कई केस दर्ज हैं। मुहाना थाने में दर्ज केस के मामले में सात दिन की पुलिस रिमांड मिली है। अन्य थानों की पुलिस भी आरोपियों को रिमांड पर लेगी। ऐसे में अभी आरोपी कई दिन तक राजस्थान पुलिस की कस्टडी में रहेंगे।