नोएडा। दिल्ली से मेरठ जाते समय सोमवार सुबह प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अचानक सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। पंजीकरण काउंटर पर करीब 5 मिनट तक पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगे रहे। भनक लगे ही अस्पताल प्रशासन अलर्ट हो गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) दफ्तर में रखे हाजिरी रजिस्टर की जांच करने पर पांच कर्मचारियों की अग्रिम उपस्थिति देख उप मुख्यमंत्री भड़क उठे। उन्होंने तत्काल पांचों कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वेतन कटौती के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री सुबह 9:45 बजे अस्पताल पहुंचे और करीब 45 मिनट तक अस्पताल का जायजा लेने के बाद मेरठ रवाना हो गए। उनके जनपद दौरे की पुलिस-प्रशासन तक को भनक नहीं थी। अपनी गाड़ी से उतरने के बाद साधारण तरीके से अस्पताल के पंजीकरण काउंटर की लाइन में लग गए। उस समय सीएमएस डॉ. विनीता अग्रवाल अस्पताल का राउंड ले रही थीं। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची। इसके बाद उप मुख्यमंत्री सीएमएस दफ्तर पहुंचे। जहां हाजिरी रजिस्टर मंगाया गया। जिसमें पांच स्वास्थ्य कर्मियों की अग्रिम उपस्थिति दर्ज देख नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल की सफाई व्यवस्था, पेयजल, दवा वितरण व भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ठंडे पेयजल की व्यवस्था कराई जाए। अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर और ट्राई साइकिल की कमी नहीं होनी चाहिए। होम्योपैथी और औषधि वितरण कक्ष के अलावा कोविड हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया।
गर्भवती की जांच कर 45 मिनट में घर भेजने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ओपीडी में पहुंचे तो स्त्री रोग विभाग के बाहर मरीजों की भीड़ पर नजर पड़ी, जहां कई गर्भवती काफी देर से अपने नंबर का इंतजार कर रही थीं। उप मुख्यमंत्री ने सीएमएस को निर्देश दिए कि किसी भी गर्भवती को 45 मिनट से ज्यादा ओपीडी के बाहर इंतजार न करना पड़े, ऐसी व्यवस्था की जाए।
ओपीडी में मरीजों को नहीं हो कोई परेशानी
सोमवार का दिन होने के कारण ओपीडी कक्ष में फिजिशियन कक्ष के बाहर भारी भीड़ थी। कई मरीज जमीन पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर फीडबैक लिया। अल्ट्रासाउंड के लिए 4 घंटे से इंतजार कर रहे एक मरीज की व्यथा भी सुनी और उसकी मदद की। अस्पताल प्रशासन को मरीजों के बैठने के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
फेसबुक लाइव से मिली जानकारी
बेहद साधारण तरीके से उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल में प्रवेश किया और लाइन में लग गए। पब्लिक और अस्पताल का स्टाफ भी उन्हें नहीं पहचान पाया, लेकिन फेसबुक पर उनके अस्पताल दौरे की लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से थोड़ी ही देर में जानकारी मिलते ही पूरा अस्पताल सतर्क हो गया।
बाकी जिलों के मुकाबले बेहतर व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद बाकी जिलों के मुकाबले बेहतर व्यवस्था होने पर अस्पताल प्रशासन का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने चिकित्सकों से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को संदेश दिया कि मरीजों को भगवान मानकर इलाज करें, ताकि जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकें।