जेवर। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अलग-अलग एजेंसियां शिलान्यास स्थल से लेकर सभास्थल तक की प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं। सोमवार को कार्यक्रम स्थल पर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारियों ने जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ सुरक्षा मानकों को लेकर मैराथन बैठक की। जिसके बाद एसपीजी ने प्रधानमंत्री के लिए बनाए जा रहे लाउंज, प्रदर्शनी गैलरी, हेलीपैड और मंच की सुरक्षा अपने कब्जे में ले ली है।
सोमवार को एसपीजी के एडीजी आलोक शर्मा ने पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, नियाल के सीईओ अरुणवीर सिंह सहित स्थानीय अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का दौरा करने के बाद एक घंटे की बैठक की। जिसके बाद एसपीजी ने दोबारा कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए इवेंट कंपनी को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री के मूवमेंट वाले स्थानों की सुरक्षा संभाल ली है।
वहीं, आईबी एवं रॉ की टीमों ने भी कार्यक्रम स्थल से लेकर जेवर क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। नियाल के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर चल रही तैयारी अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की दोपहर तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल के ठीक पीछे 4 हेलीपैड बनाने का काम पूरा कर लिया गया। प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल के तहत 30 मीटर गोलाकार आकार के तीन हेलीपैड बनाए गए हैं। तीनों हेलीपैड को आपस में जोड़ते हुए कार्यक्रम स्थल एंव इमरजेंसी मार्ग तक के लिए अस्थायी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर के लिए 20 वर्गमीटर चौड़ाई का हेलीपैड बनवारीवास गांव की तरफ बनाया गया है। मंगलवार को एयरफोर्स के अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रधानमंत्री के दो हेलिकॉप्टरों की ट्रायल लैंडिंग करेंगे।
डॉग स्क्वायड एंव बम निरोधक दस्ते ने ली तलाशी
कार्यक्रम की तैयारियों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने अपना काम शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह कार्यक्रम स्थल पर डॉग स्क्वायड एंव बम निरोधक दस्ते की टीम ने पहुंचकर कार्यक्रम स्थल की चेकिंग की। इस दौरान उन्होंने मंच और मंच के आसपास वाले एरिया के अलावा प्रधानमंत्री के हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल के रास्ते एंव वीआईपी लॉज व प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लॉॅज के अलावा अस्थायी पीएमओ ऑफिस का गहनता से निरीक्षण किया।
कार्यक्रम स्थल पर धूल बनी बड़ी परेशानी
प्रधानमंत्री की रैली के लिए जिस जगह को चुना गया है। वह जगह एयरपोर्ट के लिए किसानों से अधिगृहीत की गई जमीन है। कार्यक्रम तय होने के बाद ग्रेडर से इसकी साफ सफाई की गई है इस जगह पर लगातार खेती होने के चलते पक्की जमीन नहीं है। जिसकी वजह से वाहनों के आवागमन के साथ ही धूल उड़ रही है। सोमवार को फायर ब्रिगेड की गाड़ियों दिन भर पानी का छिड़काव करती रहीं।