नोएडा। सेक्टर-21 ए स्थित नोएडा स्टेडियम में फुटबाल की राज्य स्तरीय टीम के लिए आयोजित फर्जी ट्रायल में देशभर से करीब 100 खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे। खिलाड़ियों को ट्रायल और खेल उपकरणों के नाम पर ठगा जा रहा था। हालांकि, अन्य कारणों से स्टेडियम में मौजूद राष्ट्रीय स्तर के कुछ पूर्व खिलाड़ियों एवं खेल संघों के प्रतिनिधियों की सक्रियता से मामला पकड़ में आ गया। इसकी शिकायत ऑल इंडिया खेल फेडरेशन तक पहुंची है। मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली खेल फेडरेशन दिल्ली में ही शिकायत दर्ज कराएगा।
दिल्ली फुटबॉल फेडरेशन के उपाध्यक्ष अनादि बरुआ मामले की जानकारी होने पर नोएडा पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली फुटबॉल एसोसिएशन ने ऐसे किसी ट्रायल का आयोजन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेज बंद होने से खेल प्रतिभाओं को ट्रायल के नियमों एवं संस्थाओं की जानकारी कम होती है। ऐसे में वह ठगों के बहकावे में आ जाते हैं। नोएडा स्टेडियम में आयोजित फर्जी ट्रायल में खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये इकट्ठा किया गया था। इनसे रजिस्ट्रेशन और खेल सामानों के नाम पर इनसे धोखाधड़ी की योजना थी। हमने ऑल इंडिया फुटबॉल एसोसिएशन को मामले से अवगत करा दिया है। दिल्ली एसोसिएशन भी शिकायत दर्ज कराएगी। उन्होंने बताया कि ट्रायल में शामिल होने के लिए हरियाणा के करीब 20 और पंजाब के दो खिलाड़ियों सहित कोलकाता, सोनीपत, चंडीगढ़, जालंधर, छत्तीसगढ़, लखनऊ और बुलंदशहर जैसे विभिन्न शहरों से खिलाड़ी आए थे। इस फर्जीवाडे़ का आयोजन करने वालों ने बैनर में दिल्ली फुटबॉल एसोसिएशन का लोगो भी लगा रखा था। बैनर पर ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन का भी जिक्र था।
सक्रियता से रुकी बड़ी धोखाधड़ी
बता दें कि बुधवार को ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट के नाम से आयोजित फर्जी ट्रायल को स्टेडियम में मौजूद त्रिलोकीनाथ जैसे कुछ राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने पहली नजर में ही पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली एवं जिला खेल संघ के पदाधिकारियों को जानकारी दी। दोनों खेल संघों के अधिकारी तुरंत जांच के लिए पहुंचे और जांच के बाद जिला फुटबॉल एसोसिएशन ने तुरंत इसे रुकवाया। मौके पर मौजूद कई खिलाड़ियों को रजिस्ट्रेशन के नाम पर दिए गए पैसे भी वापस करवाए। फर्जीवाड़े की जानकारी पर खिलाड़ियों ने सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। ।