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खौफनाक खुलासा: महिला सिपाही के प्रेम में पागल पति ने की थी हत्या, बेसमेंट में दबा दिए थे पत्नी और दो बच्चों के शव

Wed, 01 Sep 2021 11:14 PM IST
प्राची प्रियम माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

आरोपी पति ने महिला सिपाही के प्रेम में वर्ष 2018 में इस वारदात को अंजाम दिया था। उसने पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर शवों को दफना दिया था। अब तीन साल बाद कासगंज पुलिस ने मामले का खुलासा किया है।
 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में तीन वर्ष पहले तिहरा हत्याकांड हुआ था। कासगंज पुलिस ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है। क्षेत्र के पंच विहार कॉलोनी निवासी राकेश ने पत्नी रत्नेश, बेटी अवनी और बेटे अर्पित की हत्या कर मकान के बेसमेंट में तीनों के शव दबा दिए थे। आरोपी ने महिला सिपाही से प्रेम प्रसंग में वारदात को अंजाम दिया और खुद की मौत का स्वांग भी रचा था। 
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बुधवार को कासगंज पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। मामले की जांच-पड़ताल करने और साक्ष्य जुटाने के लिए कासगंज पुलिस आरोपी को लेकर बिसरख कोतवाली क्षेत्र के पंच विहार कॉलोनी पहुंची थी। बिसरख पुलिस की मदद से उसके मकान की खुदाई की गई। देर रात खुदाई में मिलीं हड्डियां बरामद करने के बाद आरोपी को लेकर कासगंज पुलिस रवाना हो गई। 

मूलरूप से अलीगढ़ के नौगवां गंगीरी गांव निवासी राकेश बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पंच विहार कॉलोनी में पत्नी रत्नेश, बेटी अवनी और बेटे अर्पित के साथ रहता था। राकेश ने पत्नी और दोनों बच्चों की 14 फरवरी 2018 हत्या कर दी थी। राकेश महिला सिपाही से प्रेम करने लगा था। उसने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद उसने बिसरख कोतवाली में पत्नी और बच्चों के अपहरण का केस दर्ज करा दिया था। 
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रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद राकेश नौगवां निवासी दोस्त राजेंद्र के साथ पत्नी और बच्चों की तलाश करने के लिए एटा के मारहरा स्थित अपने ससुराल गया था। पुलिस के मुताबिक 25 अप्रैल 2018 को कासगंज-मथुरा रेल लाइन पर एक सिर कटी लाश बरामद हुई थी। उसके दोनों हाथ भी कटे थे। उसकी शर्ट की जेब में राकेश की एलआईसी रसीद रखी थी। 

जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान राकेश के रूप में की और शव परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 2018 में हुई वारदात के बाद राकेश के पिता बनवारी लाल पंच विहार कॉलोनी में रहने लगे थे।  कासगंज पुलिस ने शक के आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। 
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तीन ससुराल वालों पर दर्ज हुआ था हत्या का केस
राकेश के भाई राजीव ने इस मामले में उसके ससुर मोतीलाल और दो साले जितेंद्र और रवि के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। एटा पुलिस ने राकेश की बाइक लावारिस हालत में मिरहाची रोड से बरामद की थी।

राकेश और राजेंद्र दोनों के परिजन ने किया था शव पर दावा
कासगंज-मथुरा रेल लाइन पर सिर कटी लाश बरामद होने के बाद राकेश और राजेंद्र के परिजन शिनाख्त करने पहुंचे थे। दोनों के परिजन ने शव अपने बेटे के होने का दावा किया था। शर्ट की जेब से राकेश के नाम की एलआईसी की रसीद मिलने के कारण शव उसके परिजनों को सौंपा गया था। हालांकि राजेंद्र के परिजनों का दावे को देखते हुए शव की डीएनए जांच के आदेश भी दिए गए थे। 
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