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Noida News: बेटी की विजय पर थिरके माता-पिता, मिठाइयां बांट फरीदाबादवासियों ने मनाया जश्न

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-मां सुमेधा बोलीं- शाबाश मनु... दूसरा ओलंपिक पदक जीतकर सबकुछ दे दिया
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- दोपहर तक चला मन्नतों का दौर, जीतते ही खुशी में डूब गया शहर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ओलंपिक में इतिहास रचते हुए एक के बाद एक पदक जीतने पर मनु भाकर के परिजन खुशी से उछल पड़े। सूरजकुंड की इबिजा सोसाइटी स्थित उनके घर में मंगलवार दोपहर ढोल-नगाड़ों की थाप पर उनके पिता रामकिशन भाकर और मां सुमेधा भाकर समेत सोसाइटीवासी जमकर थिरके। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और केक काटकर बधाइ दी। जीत की खुशी में उनकी मां के मुंह एक ही शब्द निकला निकला, शाबाश मनु...दूसरा ओलंपिक पदक जीतकर सबकुछ दे दिया।

मिक्सड डबल्स में मंगलवार को मनु भाकर और सरबजोत का कांस्य पदक के लिए कोरिया से मुकाबला था। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर सुबह से हनुमान जी की पूजा कर बेटी की जीत की दुआ कर रही थीं। जैसे ही मनु के कांस्य पदक जीतने की खबर पड़ाेसियों ने उनको दी इसके बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सुमेधा बताती हैं कि पिछले टोक्यो ओलंपिक में उनकी पिस्टल खराब होने से मनु का प्रदर्शन खराब हो गया था। इस बार भगवान ने उनको सफलता दे दी। इसके बाद दिन भर जश्न का दौर चला। ढोल की थाप पर परिजन, रिश्तेदार और सोसाइटीवासियों ने खूब नृत्य कर जीत का जश्न मनाया।
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25 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पदक का रंग बदलने की उम्मीद
पदक जीतने के बाद मनु भाकर ने फोन पर पिता से बात की। पिता रामकिशन ने कहा कि पदक का रंग वह नहीं बदल पाई। हालांकि, मनु ने कहा कि अभी 25 मीटर एयर पिस्टल वाली स्पर्धा में पदक का रंग बदलने के लिए पूरा जोर लगा देगी।
जहां की प्रैक्टिस वहां पहुंच परिवार ने दिया धन्यवाद
सोसाइटी में जश्न मनाने के बाद मनु भाकर के माता-पिता करणी सिंह स्टेडियम पहुंचे और मनु के कोच और साथी खिलाड़ियों से मिले। उन्होंने स्टेडियम पहुंचकर सभी को धन्यवाद दिया। इस दौरान यहां पर हरियाणा शूटिंग स्पोर्ट्स की प्रतियोगिता चल रही थी। मौके पर आए खिलाड़ियों ने भी मनु के नाम पर हिप-हिप-हुर्रे कहकर परिवार का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान माता-पिता ने केक काटा।
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अब पूरी दुनिया हमें मनु के नाम से जान रही

मनु के पिता रामकिशन भाकर और मां सुमेधा ने बताया कि वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कुछ वर्ष पहले उनका हाथ पकड़कर चलने वाली बच्ची के नाम से पूरी दुनिया उन्हें जान रही है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की मेहनत और त्याग का फल मनु ने उनको इतना दे दिया है कि उनकी पूरी जिंदगी खुशी से भर गई है। सुमेधा भाकर ने कहा कि ओलंपिक खत्म होने के बाद जब मनु भाकर घर लौटेंगी तो वह कुछ ऐसा गिफ्ट देना चाहती हैं, जिससे मनु खुश हो जाए।
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