मेरठ। मेरठ कॉलेज में मारपीट की घटना पुलिस की लापरवाही से फायरिंग और खूनी संघर्ष में बदल गई थी। अब सेंट जोसेफ के मामले को भी पुलिस ने हल्के में लेकर समझौता करा दिया। कहीं ऐसा न हो मेरठ कॉलेज की तरह या फिर बीडीएस स्कूल के पास कार्तिक की हत्या की तरह यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा रूप न ले ले।
14 जनवरी को मेरठ कॉलेज के पूर्व महामंत्री पुष्पेंद्र उर्फ चीकू ने सरधना क्षेत्र के छुर गांव निवासी विजित तालियान के बेगमबाग स्थित फ्लैट पर हमला कर दिया था। पुलिस ने पुष्पेंद्र को पकड़ने के बाद छोड़ दिया था। उसके साथी प्रिंस का 151 में चालान किया था। इस मामले में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से इस मामले को लेकर 16 जनवरी को मेरठ कॉलेज में खूनी संघर्ष हो गया था। यहां गोली भी चली थी। अब सेंट जोसेफ में हुई मारपीट और फायरिंग के मामले को भी हल्के में लिया गया। कहीं यह रंजिश आगे न बढ़ जाए। यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं।