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कुत्तों की बढ़ती संख्या रोकने के किए उपाय, नोटिस

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नोएडा। सेक्टर-77 स्थित प्रतीक विस्टीरिया सोसाइटी के निवासियों की लावारिस कुत्तों के आतंक की शिकायत पर भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को नोटिस भेजा है। निवासियों ने शिकायत में कहा था कि सोसाइटी में लावारिस कुत्तों संख्या बढ़ गई है। 20 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां कुत्तों ने लोगों को काट कर जख्मी कर दिया। इसके बावजूद जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण कोई ठोस योजना बनाने में असफल रहे हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए बोर्ड के सचिव एसके दत्त ने यह नोटिस जारी किया है। उन्होंने इस पर तुरंत प्रभाव से अमल करने को कहा है।
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बोर्ड ने नोटिस में कहा है कि अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) नोएडा प्राधिकरण, डॉग फीडर और संबंधित थानों के एसएचओ मिलकर एनिमल वेलफेयर कमेटी गठित करें, ताकि इन लावारिस जानवरों की रक्षा हो सके और लोगों को इनके खतरे से बचाया जा सके। नियमों के तहत गठित यह कमेटी हर महीने एक बैठक कर हालात की समीक्षा करेगी। इसमें एडब्ल्यूबीआई के सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। बोर्ड ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और सीईओ से कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले का भी पालन किया जाए, जिसमें कहा गया था कि एक एनिमल वेलफेयर कमेटी बनाई जाए जो निवासियों, सोसाइटी और जीव-जंतु प्रेमियों के बीच समन्वय बनाए। वहीं, सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडियक सोसाइटी में लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर बृहस्पतिवार को एओए और निवासियों में कहासुनी हुई। एओए अध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने कुत्तों को खाना खिलाने वाले के खिलाफ पुलिस से शिकायत की।
सोसाइटी में 20 से ज्यादा मामले सामने आए थे
प्रतीक विस्टीरिया सोसाइटी के निवासियों ने शिकायत में कहा था कि यहां करीब 7000 लोग रहते हैं। सोसाइटी में लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी है। पिछले 2 साल में ही 20 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सोसाइटी के एओए का कहना था कि बिल्डर ने निवासियों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। सोसाइटी में लावारिस कुत्तों के लिए कोई फीडिंग प्वाइंट नहीं बनाया है। इस वजह से लोग यहां-वहां या चलते-फिरते इन्हें खाना खिलाते हैं।
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कुत्तों की बढ़ती संख्या सबसे बड़ी समस्या
शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या सबसे बड़ी समस्या है। नोएडा में लावारिस कुत्तों के काटने की हर दिन कई घटनाएं होती है। सेक्टर-22 एच ब्लॉक के अध्यक्ष प्रदीप बोहरा ने बताया कि प्रतिदिन एक से दो घटनाएं होती हैं। लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं, सेक्टर-100 और 74 में कई बार इनको लेकर हंगामा हो चुका है। इस मामले में टीम वालंटियर-137 ने भी कोर्ट की शरण ली है।
एओए ने मांग थे 4 बिंदुओं पर सुझाव
एओए ने एडब्ल्यूबीआई से 4 बिंदुओं पर सुझाव मांगा था। इसमें पूछा गया था जब बिल्डर ने लावारिस कुत्तों के लिए कोई फीडिंग प्वाइंट सोसाइटी के अंदर नहीं बनाया है, तो क्या हम गेट के बाहर इन कुत्तों को खाना खिला सकते हैं? साथ ही अगर सोसाइटी के बाहर कोई इन कुत्तों को एडॉप्ट करना चाहे, तो क्या कानूनी ढंग से यह किया जा सकता है। शहर में कई डॉग शेल्टर्स और केयर होम हैं, जहां विशेषज्ञ इन कुत्तों की देखभाल करते हैं। क्या इन सभी को वहां भेजना ठीक रहेगा।
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