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दुष्कर्म के दोषी पति को 20 साल की सजा

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नूंह। अतिरिक्त सेशन जज एसके शर्मा की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने को नहीं भरने पर आरोपी को छह महीने की और सजा काटनी पड़ेगी। जानकारी के अनुसार नूंह खंड के गांव कैराका निवासी सहाबुद्दीन पुत्र याकूब उर्फ किन्नोरे ने वर्षों पूर्व एक महिला से शादी की थी। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग बेटी के साथ भी गलत हरकत की। वहीं, शादी के बाद आरोपी ने महिला को कई बार खरीद फरोख्त का शिकार बनाया। इसके बाद महिला रेवाड़ी में जाकर रहने लगी।
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महिला ने रेवाड़ी थाने में 30 अगस्त 2018 को अपने पति के खिलाफ शिकायत देकर कई संगीन आरोप लगाए। यह मामला नूंह थाने का होने के कारण रेवाड़ी पुलिस ने इस केस को नूंह पुलिस के पास ट्रांसफर कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपी के साथ उसकी सात साल पूर्व शादी हुई थी इस शादी से उनके तीन बच्चे हुए। करीब तीन साल पहले उनके जेठ अलीम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने इस बारे में अपने पति सहाबुद्दीन को बताया तो वह उसे जान से मारने को उतारू हो गया। उसने बड़ी मुश्किल से गांव के सरपंच के घर जाकर अपनी जान बचाई। उसके कुछ समय बाद आरोपी पति ने उनकी गैर हाजिरी में नाबालिग बेटी के साथ भी गलत हरकत की। उन्होंने आकर देखा तो बेटी घायल थी। उन्होंने बेटी से पता किया तो पिता सहाबुद्दीन का नाम लिया। इसके बाद वह आरोपी पति के साथ गांव सूड़ाका में एक डॉक्टर के पास आई, लेकिन डर की वजह से किसी को कुछ नहीं बताया। पति ने उसे पैसे कमाने के लिए गुड़गांव में एक व्यक्ति के पास छोड़ दिया। एक साल तक उनका पति अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। उसने पश्चिम बंगाल में अपने माता पिता को इस बारे में जानकारी दी। इसपर परिजन उसे लेकर चले गए, लेकिन कुछ समय बाद पति फिर उन्हें लेकर आ गया और उन्हें डूंगरपुर गांव में रखा। यहां से फिर उनका पति उन्हें रेवाड़ी लेकर आया और सोनू नाम के लड़के को बेचकर गांव कैराका आ गया। इसके बाद सोनू अपने यहां पर अन्य लोगों को बुलाकर उनके शरीर का शोषण कराने लगा। सोनू लोगों से चार हजार रुपये तक लेता। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि उन्हें पैसे देकर खरीदा है। इसके बाद पीड़िता के साथ सोनू, राजेश व पति सहाबुद्दीन सहित अन्य लोग लगातार गलत कार्य करते रहे। इसी बीच पुलिस ने आरोप पति को 9 नवंबर 2018 को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से यह मामला नूंह की अदालत में विचारधीन था। इस मामले में जेठ अलीम, रेवाड़ी के सोनू व राजेश गवाहों के अभाव में बच गए। लेकिन अदालत ने इस मामले में पीड़िता के पति सहाबुद्दीन को मुख्य आरोपी पाया। आरोपी पर नाबालिग बेटी व पत्नी के साथ लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए। जिससे अदालत ने 29 मार्च को अपने फैसले को सुरक्षित रख बुधवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष की सजा व जुर्माना लगाया।
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