फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन है रवि काना: पुलिस और नेताओं की शरण पाकर सरिया चोर से बना स्क्रेप माफिया, मंथली का चलता था कारोबार

Wed, 03 Jan 2024 09:06 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

वि का एकछत्र राज था और उसकी गाड़ियों को किसी भी थानाक्षेत्र में अवैध तरीके से ले जाने के बावजूद कोई रोक टोक नहीं थी। इतना ही नहीं यदि रवि का कोई काम फंसता था तो पुलिस अधिकारी ही उसके लिए सिफारिश करते थे।
विज्ञापन
रवि काना पर पुलिस की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक दशक पहले रवि नागर उर्फ रवि काना एक बेरोजगार युवक की तरह छोटे-मोटे काम करता था, लेकिन सरिया के चोरी के अवैध कारोबार में आने के बाद दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की की थी। सरिया के अवैध कारोबार में पुलिस समेत सभी अधिकारियों की जमकर शरण मिली और स्क्रेप का माफिया बन बैठा। इसी की बदाैलत उसका दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कनेक्शन था और इसी की एवज में वह सुरक्षा लेता रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos

हर महीने थाने जाते थे लाखों रुपये
सूत्र बताते हैं कि साल-2012 में सरिया के अवैध कारोबार की हर माह करीब 40 से 50 लाख रुपये माहवार अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों और थानों तक जाते थे। कुछ माह पहले तक यह राशि डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। 

दिल्ली से लखनऊ तक पहचान
रवि का एकछत्र राज था और उसकी गाड़ियों को किसी भी थानाक्षेत्र में अवैध तरीके से ले जाने के बावजूद कोई रोक टोक नहीं थी। इतना ही नहीं यदि रवि का कोई काम फंसता था तो पुलिस अधिकारी ही उसके लिए सिफारिश करते थे। मोटी कमाई के कारण वह दिन-प्रतिदिन तरक्की कर रहा था और उसी तरह अधिकारियों से लेकर नेताओं को साधने लगा। उसने कब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक अधिकारी और नेताओं के समक्ष पैठ बना ली, किसी को पता नहीं चला। 

विधानसभा की टिकट पर चुनाव लड़ा
इतना ही नहीं रवि ने राजनीति में पैठ बनाने के लिए अपनी भाभी को जेवर से विधान सभा का चुनाव लड़ाया था। सपा और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने न सिर्फ नेता उनके साथ रहे बल्कि अधिकारियों ने भी जमकर साथ दिया। मगर कुछ दिन पहले जब अधिकारियों का बदला गया तो रवि के भी बुरे दिन शुरू हो गए।

अधिकारियों का रहा है पूरा संरक्षण
कमिशनरेट पुलिस ने करीब आठ माह पहले रवि के लिए जाल बिछाया था, लेकिन उसके कई बडे़ स्तर के अधिकारियों ने सचेत कर दिया तो वह शांत बैठ गया। मगर अब जैसे ही सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया तो आला अधिकारियों के संज्ञान में डालने के बाद रवि काना पर कार्रवाई शुरू की गई।
विज्ञापन

सुरक्षा दिलाने में रहा है अधिकारी-नेताओं का सहयोग
रवि नागर उर्फ रवि काना को पुलिस सुरक्षा दिलाने में केवल पुलिस अधिकारियों का ही नहीं सहयोग रहा। बल्कि नेताओं ने भी जमकर सरपरस्ती दी है। वह सपा के समय में भी अपने अवैध कारोबार को बढ़ाता रहा था। जब भाजपा आई तो यहां पर जुगाड़ लगाकर पैठ बना ली और फिर उसी तरह से कारोबार को आगे बढ़ाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें