अमर उजाला फाउंडेशन, फेलिक्स अस्पताल एवं आरडब्ल्यूए के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को सेक्टर-93 स्थित सिल्वर सिटी सोसाइटी में निशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 67 लोगों ने सामान्य जांच कराई गई। जिन लोगों को कुछ अलग परेशानी सामने आई, उनको निशुल्क ओपीडी में अस्पताल बुलाया गया है। जहां पर काफी हद तक निशुल्क इलाज किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर में किसी भी तरह की परिस्थिति में प्राथमिक उपचार किसी तरह दिया जाए इसका भी एक प्रशिक्षण निवासियों को दिया गया।
शिविर की शुरूआत फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता, फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा और टीसी गौड ने संयुक्त रूप से जांच कराकर शुरूआत की। इस मौके पर आरडब्लयूए महासचिव उमाशंकर ने पुष्पगुच्छ देकर सभी का अभिवादन किया। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हड्ड़ी की जांच और फिजीशियन डॉक्टरों ने जांच-पड़ताल की। जबकि कई लोगों अन्य मामलों में निशुल्क परामर्श भी दिया गया।
डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि काफी मरीज सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण स्वर्गवासी हो जाते हैं। चूंकि काफी लोगों को पता ही नहीं होता कि यदि कोई व्यक्ति आग की चपेट में आ जाता है तो उसे किस तरह से बचाव करना है। लेकिन लोग टूथपेस्ट या बर्फ अथवा बर्फ का पानी डालना शुरू कर देते हैं। जबकि जलने पर व्यक्ति के जले हुए भाग पर सामान्य पानी जलन कम होने तक डालना चाहिए।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर श्वेता गर्ग ने बताया यदि किसी के साथ कोई हादसा हो जाए तो सही समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिलना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु समय पर प्राथमिक चिकित्सा न मिलने के कारण होती है। कई बार गलत चिकित्सा से व्यक्ति की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शिविर के माध्यम से सोसाइटी के लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को प्रमाण पत्र दिया गया।
इनके बारे में दी जानकारी
प्राथमिक चिकित्सा के तहत दम घुटना (पानी में डूबने के कारण, फांसी लगने के कारण या सांस नली में किसी बाहरी चीज का अटक जाना, ह्रदय गति रूकना, हार्ट अटैक, खून बहना, शारीर में जहर का असर होना, जल जाना, हीट स्ट्रोक अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, बेहोश या कोमा, मोच, हड्डी टूटना और किसी जानवर के काटने आदि पर किस तरह से उपचार दिया जा सकता है। इस सभी की जानकारी डॉक्टर सलिल मालिक ने दी।