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महंगाई बिगाड़ रही स्वाद: टमाटर हुआ नरम तो अदरक-भिंडी भड़के, लौकी-तुरई दिखा रहे तेवर; गर्म मसाले भी ताव में

Fri, 21 Jul 2023 10:13 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

तुरई 40 से 100, लोकी 30 से 50 और भिंडी 60 से 100 रुपये किग्रा तक पहुंच गई है।
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टमाटर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मानसूनी बारिश और पहाड़ों के आए पानी ने सब्जियों समेत खरीफ की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। टमाटर भले ही नरम हो गया हो, लेकिन अन्य सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। 20 से 40 फीसदी तक सब्जियों के दामों में आए उछाल ने लोगों का जायका बिगाड़ दिया है। टमाटर भले ही 250 से 100 पर आ गया है। मगर अदरक लगातार अकड़ दिखाते हुए 300 के पास पहुंचने से चाय बेस्वाद होने लगी है। इतना नहीं नहीं तुरई 40 से 100, लोकी 30 से 50 और भिंडी 60 से 100 रुपये किग्रा तक पहुंच गई है। फूल गोभी और पत्ता गोभी पर भी महंगाई का पूरा असा है। उधर, रसोई में प्रयोग होने वाले मसाले से लेकर परचून के समान ने भी लोगों का बजट बिगाड़ दिया है और कई रोजमर्रा प्रयोग होने वाली सामग्री के दाम भी भाव खा रहे हैं।

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दरअसल, एनसीआर में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलदंशहर, अलीगढ़ समेत बागपत आदि स्थानों से प्रतिदिन सब्जी दिल्ली और आसपास की मंडियों में सब्जी भेजी जाती थी। जबकि हाथरस और बंदायू समेत अन्य जिलों से भी काफी मात्रा में सब्जी दिल्ली और आसपास की मंडियों में आती है। बड़ी बात यह है कि अधिक्तर सब्जी डूब क्षेत्र में उगाई जाती है। मगर इनमें ज्यादातर स्थानों पर मानसून की बारिश ने डूब क्षेत्र ही नहीं बल्कि यमुना और हिंडन नदी के पानी ने सामान्य जमीन पर होने वाली खेती को भी पानी से नष्ट कर दिया। इससे सब्जी की आवक मंडियों में कम होने लगी और भाव में उछाल आने लगा। हालात ऐसे बने कि अब ज्यादातर सब्जी दूर जनपदों से आ रही है और वह दिल्ली एनसीआर तक पहुंचने में ज्यादा महंगी पड़ रही है। सब्जी मंडी के आड़ती अजय चौधरी का कहना है कि बारिश और बाढ़ की वजह से खरीफ की पूरी फसल बर्बाद हो गई है और इससे मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है।

दूसरे प्रदेशों से आएंगी सब्जी से होगी सस्ती
अभी तक एनसीआर और इसके आसपास वाले क्षेत्र से हरी सब्जियों की आवक हो रही थी। मगर महंगाई होने के कारण अब प्रशासनिक अधिकारियों ने मंडी पदाधिकारियों के साथ बैठक करके दूसरे प्रदेशों से सब्जी मंगाने के लिए कहा है। इससे सब्जियों के दाम में अगस्त तक सुधार होने की उम्मीद है। इससे सब्जियों के दामों में करीब 20 से 30 रुपये तक गिरावट आ जाएगी।

सब्जी की दर
सब्जी वर्तमान में (किग्रा में) 3 माह पहले (किग्रा में)
आलू 25 15
टमाटर 100 25
प्याज 30 20
तुरई 100 80
गोभी 100 15
भिंड़ी 60 100
पत्ता गोभी 50 10
लौकी 40 20
परवल 60 40
           

बारिश और महंगाई के कारण मंडी से ही हरी सब्जियां महंगी मिल रही हैं। अभी सब्जियां और महंगी होंगी चूंकि दिल्ली-एनसीआर में जो सब्जी की फसल थी वह नष्ट हो गई है। -साबुद्दीन खान, सब्जी विक्रेता।
 
परचून की दुकान वर्तमान (किग्रा में) में 3 माह पहले (किग्रा में)
सरसों तेल 165 150
तिल का तेल 180 210
नमक 30 24
चीनी 42 38

 

100 ग्राम के भाव वर्तमान दर 3 माह पहले
हल्दी 34 30
लाल मिर्च 66 60
जीरा 78 90
गर्म मसाला   84 105


चीनी के मूल्य घटते बढ़ते रहते हैं। इसके अलावा कुछ माह में कई सामग्री के भाव में बढ़ोत्तरी हुई है। -दीपेश कुमार, परचून विक्रेता।
 

दवाईयों की सूची वर्तमान दर 3 माह पहली दर
शुगर 247 142
बीपी 87 64
थाइराइड 146 126
माइग्रेन 146 136
टीबी 43 38


कुछ दवाओं के सॉल्ट अधिक प्रयोग होने व मांग बढ़ने के कारण दाम भी बढ़ने लगे हैं। इनका प्रभाव बाजार पर पड़ रहा है। चूंकि कुछ विशेष दवाएं है परिवार में आवश्यक हो गई है। इसलिए दर बढ़ गई हैं। - यशपाल सिंह, दवा विक्रेता।
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रसोई में सब्जी ने महंगाई के कारण जेब का बजट बिगाड़ दिया है। जो सब्जी 10 से 20 रुपये किग्रा होती थी, वह इस साल 100 से नीचे ही नहीं आ रही है। इससे थाली में सब्जी का स्वाद कम रह गया है और लोग सस्ती सब्जी खरीदकर रसोई चगा रहे हैं। -कविता गृहणी, सेक्टर-36

परचून की दुकान पर आटे से लेक चावल और मसाले से लेकर भोजन में प्रयोग होने वाला तिल का तेल हो या फिर देशी घी। इन सभी के बढ़े दाम ने आम लोगों के घर का बजट बिगाड़ने का काम किया है। -सरोज देवी, गृहणी सेक्टर-37
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