ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में कई खरीदार कब्जा नहीं मिलने से परेशान हैं तो कई कब्जा मिलने के बाद की मुसीबतों से परेशान हैं। रविवार को पांच सोसाइटियों में सुविधाओं के लिए निवासियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इनमें महागुन मायवुड्स, फ्यूजन होम्स, इको विलेज वन, अजनारा ली गार्डन और अर्थ टाउन प्रोजेक्ट के खरीदार शामिल रहे। खरीदारों ने बिल्डरों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भड़ास निकाली। साथ ही, चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आगे बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे।
महागुन मायवुड्स सोसाइटी के निवासियों ने रविवार से बिल्डर के खिलाफ ‘साड्डा हक एथे रख’ आंदोलन शुरू किया। इस दौरान जुलूस निकालकर लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर समय पर 2.90 रुपये प्रति स्कवायर मीटर के हिसाब से मेंटेनेंस शुल्क ले रहा है, लेकिन जरूरी सुविधाएं नहीं दे रहा है। सोसाइटी का रखरखाव नहीं किया जा रहा है। लगातार बिल्डर से शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बिल्डर मेंटेनेंस के बजट को सोसाइटी में नहीं लगा रहा है, जबकि निवासी बिल्डिंग की मरम्मत, बेसमेंट में लीकेज, सुरक्षा व्यवस्था, दूसरा क्लब नहीं देना, बाथरूम में प्रदूषित पानी की आपूर्ति जैसी समस्याओं से परेशान हैं। इस कारण मेंटेनेंस कार्यालय और मार्केट में बिल्डर के खिलाफ जुलूस निकाला गया।
इको विलेज वन में मेंटेनेंस कार्यालय पर प्रदर्शन
इको विलेज वन सोसाइटी के निवासियों ने बिल्डर के मेंटेनेंस और अन्य कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। लोगाें ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती काफी हो रही है। कुछ दिन पहले सोसाइटी में आग लगने की घटना भी हो चुकी है। टावरों में फायर अलार्म नहीं लगे हैं। लिफ्ट और पार्किंग की समस्या से निवासी परेशान हैं। बिल्डर से समस्याओं का समाधान करने की कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सुपरटेक लिमिटेड की दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने के बाद मेंटेनेंस देख रही कंपनी ने भी काम करने में कटौती शुरू कर दी है। कंपनी फंड की कमी बता रही है, जबकि निवासी पूरा मेंटेनेंस शुल्क जमा कर रहे हैं। अगर बिल्डर ने जल्द समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया तो फिर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
फ्यूजन होम्स में मेंटेनेंस शुल्क में वृद्धि का विरोध
ग्रेनो वेस्ट की फ्यूजन होम्स सोसाइटी के निवासियों ने मेंटेनेंस शुल्क में इजाफा करने के विरोध में प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने एक अप्रैल से मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाकर 2.65 रुपये प्रति स्क्वायर फीट कर दिया है, जबकि पहले 1.18 रुपये प्रति स्क्वायर फीट था। बिल्डर ने दो दिन के नोटिस पर शुल्क बढ़ा दिया, जबकि निवासियों से सहमति भी नहीं ली। इस संबंध में बिल्डर से लगातार बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन बिल्डर तैयार नहीं हुआ। सोसाइटी में बिजली, पार्किंग आवंटन, सुरक्षा व्यवस्था, बेसमेंट में पानी आदि की समस्याएं हैं। काफी निवासियों ने शुल्क देना भी बंद कर दिया है।
प्राधिकरण की लापरवाही से शुरू नहीं हो पा रहा निर्माण
अर्थ टाउन (रोमा ड्रीम्स) प्रोजेक्ट के खरीदारों ने साइट पर प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के बाद भी प्राधिकरण लीज डीड को ट्रांसफर करने के साथ-साथ काम शुरू करने की अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुमति दिलाने की मांग की, ताकि उनका घर मिल सके। वर्ष 2010 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट में 3000 खरीदार हैं, जो अभी तक घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2018 में एनसीएलटी से अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर दिवालिया घोषित हो चुका है। वर्ष 2018 में अर्थ टाउन के खरीदारों ने अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) के समक्ष क्लेम किया था। अप्रैल 2021 में आईआरपी ने रोमा बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी दी है। यह आदेश प्राधिकरण को भेजा गया था, लेकिन प्राधिकरण ने बकाया धनराशि का कोई सबूत दाखिल नहीं किया। एनसीएलटी ने देनदारी समाप्त कर प्राधिकरण को लीज डीड रोमा बिल्डर के नाम करने का आदेश दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्राधिकरण की मनमानी के कारण खरीदारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
अजनारा ली गार्डन में जलाया बिल्डर का पुतला
अजनारा ली गार्डन सोसाइटी के निवासियों ने शाम को मुख्य गेट पर प्रदर्शन के बाद बिल्डर का पुतला जलाया। लोगों ने समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन में पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी भाग लिया। निवासियों का आरोप है कि 20 दिन से निवासी विभिन्न मांगों के लिए अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं, लेकिन बिल्डर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। क्लब, स्वीमिंग पूल, पार्क, जिम, फ्लैटों की रजिस्ट्री जैसी समस्याओं से निवासी परेशान है। गुस्साए निवासियों ने एकजुट होकर बिल्डर का पुतला जलाया। चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।