जेवर। कोतवाली क्षेत्र के नीमका गांव स्थित सरकारी धान क्रय केंद्र पर मंगलवार को तौल नहीं होने से नाराज किसानों ने पहले तो जमकर हंगामा किया। इसके बाद क्रय केंद्र पर रखे धान को डीजल डालकर जलाने का प्रयास किया। हालांकि, वहां मौजूद अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को रोक लिया और समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद तुरंत केंद्र पर धान की तौल भी शुरू करा दी। नीमका गांव में किसानों से धान की खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खोला गया है। इस केंद्र पर नीमका, चौरोली, खाजपुर, थोरा, भवोकरा और दयौरार आदि गांव के किसान धान बेचने के लिए पहुंच रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि 15 दिन से क्रय केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने तौल बंद कर रखी है। वह रोज धान बेचने के लिए केंद्र पर पहुंचते हैं, लेकिन खरीद नहीं होने से लौटना पड़ता है। फसल बुवाई के समय भी किसान क्रय केंद्र पर पड़े धान की रखवाली करने को मजबूर हैं। रोज-रोज की दिक्कत से परेशान होकर मंगलवार सुबह किसानों ने क्रय केंद्र पर हंगामा किया। इसके बाद क्रय केंद्र पर पड़े धान को डीजल डालकर आग के हवाले करने का प्रयास किया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार अखिलेश कुमार ने किसी तरह किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराते हुए धान की तौल शुरू कराई।
‘बिना एमएसपी के कानून नहीं खत्म होगा धरना’
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बिना एमएसपी कानून के संयुक्त किसान मोर्चा का धरना खत्म नहीं होगा। पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मावी के पिता के निधन पर परिवार को सांत्वना देने टिकैत बिरौंडी पहुंचे थे। राकेश ने कहा कि 26 और 29 नवंबर को किसान गाजीपुर बॉर्डर पर अपना कार्यक्रम करेगा। इस मौके पर मेरठ मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान, पूर्व पहलवान चौधरी जीवन सिंह, नरेंद्र नागर, बॉबी नागर, पंकज शर्मा, राम कुमार शर्मा, दिनेश शर्मा, विभोर शर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।