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स्कूल भेजने मेंनहीं ले रहे रुुचि

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नूंह। कोरोना महामारी के डर से अभिभावक अभी भी अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। यही वजह है कि स्कूल खुलने के बाद भी कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंच रहे हैं। वहीं विद्यार्थियों का ऑनलाइन कक्षाओं में नहीं जुड़ना भी चिंता का विषय बना हुआ है। सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी नूंह में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 45 फीसदी ही दर्ज की गई है। चौथी और पांचवीं की कक्षाओं को एक सितंबर से खोल दिया गया है। हर दिन स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा रही है। हालांकि जिले के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 70 फीसदी है।
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जिले के अधिकतर स्कूल ग्रामीण आंचल में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में अधिक रुचि नहीं ले रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अभिभावक अभी कोरोना से डर रहे हैं इस कारण बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं। हालांकि जिले में कोरोना न्यूनतम स्तर पर है। कोई नया केस भी नहीं आ रहा है। जिले में कोरोना का कोई सक्रिय मरीज नहीं है। शिक्षक आगामी सप्ताह तक छात्र छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया भी जिले में रही असफल
कोरोना काल से ही शिक्षा विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई थी। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में मात्र 30 फीसदी अभिभावकों के पास मोबाइल की व्यवस्था है ऐसे में ऑनलाइन प्रक्रिया का छात्र छात्राओं को अधिक लाभ नहीं मिल रहा है। अभिभावक विद्यार्थियों को फोन देने में भी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अधिकतर अभिभावक मजदूरी पर जाने के दौरान अपना फोन ले जाते हैं। वहीं स्कूलों में भी नहीं भेजा जा रहा है। शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
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पहली से तीसरी तक स्कूलों को खोलने की मांग
इस बारे में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव विनोद कौशिक ने बताया कि अभी कई दिनों बरसात के चलते स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही है। अगले सप्ताह से स्कूलों में बच्चों की पूरी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को समय पर स्कूल भेजें। उन्होंने कहा कि कोरोना अब सामान्य है। इसलिए सरकार को पहली से कक्षा तीसरी तक स्कूलों को खोलना चाहिए।
जिले के स्कूलों पर नजर
नूंह जिले में 99 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 10 उच्च माध्यमिक, 307 माध्यमिक विद्यालय व 500 प्राथमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा 5 आरोही मॉडल व 5 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं।
क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी ऱ्
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया ने कहा कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अधिक से अधिक बढ़े इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
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फोटो ऱ् नूंह के राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे छात्र छात्राएं।
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