अब मधुमेह सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। इस बीमारी ने बच्चों से लेकर युवाओं को भी अपने चपेट में ले लिया है। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आने वाले डायबिटीज के मरीजों की संख्या कुछ यही बयां कर रही है। सप्ताह में करीब 600 मरीज डायबिटीज के आ रहे हैं। इनमें पांच से आठ मरीज 10 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं। डायबिटीज के मरीजों में 25 से 35 वर्ष के युवा सबसे अधिक हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में डायबिटीज की बीमारी का मुख्य कारण असंतुलित खानपान, मोटापा और तनाव है।