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प्राचार्य गरफ्तार

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नूंह। गुरुग्राम विजिलेंस ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य को दाखिले के लिए 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधानाचार्य की पहचान रमेश कुमार के नाम से हुई है। वह तावडू के गांव सूबासेड़ी के स्कूल में प्रधानाचार्य पद पर तैनात था। विजिलेंस ने यह कार्रवाई पलवल हथीन गांव मोहदमका निवासी साकिर हुसैन की शिकायत पर की है।
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गुरुग्राम विजिलेंस के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि उक्त आरोपी प्रधानाचार्य शिकायतकर्ता साकिर हुसैन के बेटे मोइन का स्कूल की नौवीं कक्षा में दाखिला करने के लिए पहुंचा था। जिससे प्रधानाचार्य दाखिले के लिए पांच हजार रुपये की मांग कर रहा था। बीते कई दिनों से पीड़ित स्कूल के चक्कर लगा रहा था लेकिन प्रधानाचार्य उनसे बार बार रुपये की मांग कर रहा था।
पीड़ित ने इन पैसों को अधिक बताते हुए राशि को कम करने की मांग की। अंत में 2500 रुपये देना तय किया गया। इससे पूर्व बीते सप्ताह 1000 रुपये की राशि को पीड़ित ने प्रधानाचार्य को दे दिया। बाकी की राशि को एक या दो दिन में देना तय हुआ। अंत में परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इस मामले की सूचना विजिलेंस को दी। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी को पकड़ने के लिए अपनी टीम गठित की। सोमवार को साकिर ने आरोपी प्रधानाचार्य को फोन किया तो उन्होंने उससे नूंह स्थित नई अनाजमंडी में एक मिठाई की दुकान पर मिलने की बात कही। पीड़ित तय समयानुसार दुकान पर पहुंचा और आरोपी को फोन किया। जिससे वह बाहर आ गया। इसके बाद उसे 1500 रुपये दे दिए। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने उसे वहीं से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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गुरुग्राम विजिलेंस के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद प्रधानाचार्य ने काफी पछतावा किया। इस दौरान वह फूट फूटकर रोया। काफी समय बाद वह सामान्य स्थिति में आया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की आगामी जांच कार्रवाई में लगी हुई है।
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फोटो ऱ् विजिलेंस टीम की गिरफ्त में आरोपी प्रिंसिपल रमेश कुमार।
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