नोएडा। जेवर में एयरपोर्ट के बाद अब नोएडा के सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट परियोजना को रफ्तार देने की कवायद शुरू हो गई है। महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए गए हैं। 31 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी। अप्रैल से परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है। 9.35 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले हेलीपोर्ट के निर्माण पर 43.13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अधिकारियों ने बताया कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर हेलीपोर्ट का निर्माण होगा जो कंपनी इसे विकसित करेगी, उसे 30 साल तक संचालन करना होगा। 31 जनवरी को प्री-बिड बैठक और 31 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। काम शुरू होने के बाद करीब एक साल में परियोजना तैयार हो जाएगी। प्रस्तावित हेलीपैड पर पांच बेल 412 हेलीकॉप्टर (12 सीटर) एक साथ खड़े हो सकेंगे। साथ ही, सबसे बड़ा हेलीकॉप्टर एमआई 172 (26 सीटर) आपातकालीन व वीआईपी गतिविधियों के लिए संचालित किया जाएगा।
यहां इनकी मरम्मत की भी सुविधा होगी। 500 वर्ग मीटर में टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, यह 20 आने व 20 जाने वाली सवारियों के संचालन के लिए पर्याप्त है। हेलीपोर्ट का संचालन केवल दिन के लिए होगा। इसमें 15 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, 50 कारों के लिए पार्किंग, इलेक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, चहारदीवारी, आंतरिक सड़कें और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान भी रखा गया है। जरूरत पड़ने पर यहां से एयर एंबुलेंस का भी प्रयोग कर सकेंगे। जमीन का चयन हो गया है।
कारोबार को रफ्तार मिलेगी
हेलीपोर्ट पर्यटन को ही नहीं, बल्कि कारोबार को भी रफ्तार देगा। प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि सेक्टर-151ए में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, हैबीटेट सेंटर जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऐसे में आने वाले समय में नोएडा का महत्व और ज्यादा बढ़ने वाला है। हेलीपोर्ट की सुविधा दिल्ली में ही है। नोएडा में हेलीपोर्ट बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले मेहमान ट्रैफिक जाम में फंसे बिना कारोबार या अन्य किसी सिलसिले में नोएडा से आवागमन कर सकेंगे।
कुछ ऐसी होगी परियोजना
- 500 वर्ग मीटर में टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण होगा।
- एमआई-172 हेलीकाप्टर लैंड कराने की सुविधा होगी।
- एक समय में 20-20 यात्रियों के आने-जाने की होगी सुविधा।
- हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस रिपेयर एवं ओवर हॉलिंग की सुविधा।
- हेलीपोर्ट पर पांच हेलीकॉप्टर की पार्किंग की होगी सुविधा।