बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स से मिलीं मुख्यमंत्री
चार माह बाद स्थायी तौर पर रोजगार का निकाला जाएगा रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियुक्त हुए बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को दिल्ली सरकार ने अपनी जीत बताया है। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि इन्हें भाजपा ने नौकरी से निकाला था, अरविंद केजरीवाल की कोशिश के बाद दिल्ली सरकार ने फिर से बहाल करवा दिया।
सचिवालय में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री आतिशी के साथ सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स से मुलाकात करने के बाद मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली महिला आयोग, दिल्ली परिवहन विभाग, दिल्ली सरकार के अस्पतालों सहित अन्य में अनुबंध पर काम कर रहे हजारों कर्मचारियों को भाजपा के कहने पर निकाल दिया गया था। केंद्र सरकार ने यह नहीं सोचा कि इनका घर कैसे चलेगा। यह सभी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आप विधायकों और मंत्रियों ने इनका सहयोग किया। प्रदर्शन के दौरान महिला बस मार्शल को मारा गया। भाजपा के नेताओं ने मुकदमे करवाए, लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सभी के संघर्षों के कारण दिल्ली सरकार दोबारा से बहाली दिलवा पाई। केंद्र सरकार को मार्शलों के संघर्ष के आगे झुकना पड़ा। आज लोकतंत्र की जीत हुई है। अब ये कर्मचारी प्रदूषण की समस्या से निपटने सहित अन्य कार्यों में मदद करेंगे। यह कोशिश भी की जाएगी कि सभी सिविल डिफेंस वालंटियर को बस मार्शल की तरह फिर से बहाल किया जाए।
केजरीवाल ने निभाया वादा
सीएम ने सोशल मीडिया पर मार्शलों के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की। साथ ही, लिखा कि केजरीवाल ने फिर वादा निभाया है, भाजपा ने जिन बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को नौकरी से निकाला था, दिल्ली सरकार उन्हें दोबारा बहाल कर रही है। आने वाले 4 महीनों में उन्हें प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कामों में लगाया जाएगा। सभी को बधाई। चार माह के बाद भी स्थायी तौर पर रोजगार देने का रास्ता निकाला जाएगा।