पुन्हाना। उपमंडल के बीसरू और गुबराड़ी गांव में पिछले एक सप्ताह के अंदर करीब 9 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन बच्चों की मौत बुखार, टीबी और पीलिया से हुई है। वहीं, गांव के लोग डेंगू और वायर बुखार के कारण बच्चों की मौत बता रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को गांव बीसरू में 630 और गुबराड़ी में 100 से अधिक घरों में लोगों की जांच की। स्वास्थ्यकर्मियों ने गांव बीसरू में 102 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
नूंह जिले में अब तक डेंगू के 96 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। 12 लोगों की डेंगू और 10 से अधिक लोगों की बुखार सहित अन्य बीमारियों से मौत हो चुकी है। गांव बीसरू निवासी पीड़ित यूनुस ने बताया कि उसके बेटे आफताब को कुछ दिन पहले बुखार आया था। जब स्थानीय डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसे शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव के आकिल ने बताया कि उसकी दो साल की बेटी सुहालिया की बुखार के कारण अचानक प्लेटलेट्स कम होने लगी थी। उनको शक है कि बेटी की मौत डेेंगू के कारण हुई है। गांव बीसरू के तौसीफ सहित अन्य लोगों का कहना है कि गांव के उपरला मोहल्ले में अभी भी दर्जन भर बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। उपरला मोहल्ले के अफनान, अनस, जावेद, साकिब, अंजूमन, मोहम्मद, फरहान सहित दो दर्जन लोग बुखार से पीड़ित हैं।
गुबराड़ी में इन लोगों की हुई मौत
पुन्हाना खंड के गांव गुबराड़ी में करीब दस दिनों में बुखार व अन्य बीमारियों से सात बच्चों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, गांव गुबराड़ी के 18 वर्षीय अलताफ, पांच वर्षीय फिजा, 5 वर्षीय अनस, 7 वर्षीय सिफा, दो वर्षीय आयशा और 7 वर्षीय हसीन आदि की मौत हो चुकी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों गांवों में जांच टीम भेजी गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। गुबराड़ी गांव में 6 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें से तीन बच्चों की बुखार, एक पीलिया और एक टीबी से मौत हुई है। अन्य मौतों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में अब तक 96 डेंगू के मरीज सामने आए हैं। डेंगू से 12 डेगू और बुखार सहित अन्य बीमारियों से 9 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों गांवों में मच्छर मारने की दवा का छिड़काव और फॉगिंग करवाई जा रही है।