नोएडा। शहर के 84 तिराहे-चौराहे 1085 हाईटेक कैमरों की जद में होंगे। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना के तहत पहले चरण में चयनित 20 तिराहे-चौराहों में से पांच स्थानों पर फाइबर केबल का काम शुरू हो चुका है। इसका मकसद यातायात व्यवस्था को सुचारु करना होगा। वहीं, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस को भी मदद मिलेगी। साथ ही नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना होगा। नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल प्रभारी डीजीएम एसपी सिंह ने बताया कि 20 चौराहों पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
चयनित चौराहों को भूमिगत फाइबर केबल के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसके बाद इसकी कनेक्टिविटी सेक्टर-94 स्थित कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। यहीं से सभी चौराहों पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि सेक्टर-94, सेक्टर-96 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-104, सेक्टर-91 औषधि पार्क चौराहे पर काम शुरू किया गया है। फाइबर केबल और जंक्शन का काम होने के बाद कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों को कंट्रोल से संचालित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर पहले से संचालित हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एचटीएमएस) को आईटीएमएस से जोड़ दिया जाएगा। पुलिस की सेफ सिटी परियोजना से भी इसको जोड़ा जाएगा।
ये कैमरे और उपकरण लगेंगे
योजना के तहत वाहनों के नंबर प्लेट पढ़कर चालान करने वाले ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिक्गनिशन (एएनपीआर) कैमरे, रेड लाइट नियमों के उल्लंघन पर चालान करने वाले रेड लाइट वायोलिशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरे, व्यक्तियों की पहचान के लिए सर्विलांस कैमरे, उद्घोषणा के लिए उपकरण, यातायात दबाव को पहचान कर अपने आप रंग बदलने वाले सिग्नल के लिए एडप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और संदेशों के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
पहले चरण में यहां का काम होगा
ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-44 गोलचक्कर, शशि चौक, सिटी सेंटर, सेक्टर-76 की आंतरिक सड़कें, सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन, मयूर स्कूल चौराहा, सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, राय रेजिडेंसी सेक्टर, औषधि पार्क चौराहा, महामाया फ्लाईओवर के नीचे, बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो, डिग्री कॉलेज तिराहा, सेक्टर-38-39-40, प्रतीक विस्टीरिया चौराहा, हाजीपुर चौराहा, आम्रपाली गोलचक्कर, अट्टा पीर, एलजी चौराहे योजना के तहत काम किया जाएगा।