कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही जुबानी जंग ने वाड्रा के और भूमि घोटालों को उजागर कर दिया है।
वाड्रा को फायदा पहुंचाने में अब हरियाणा सरकार के एक और मंत्री का नाम भी सामने आया है।
कांग्रेस को घेरने के लिए बीजेपी की ओर से चलाए जा रहे 'दामादश्री' अभियान से यह खुलासा हुआ है। वीडियो और बुकलेट के माध्यम से हरियाणा में रॉबर्ट वाड्रा की लैंड डील पर निशाना साधा गया है। इससे भूमि घोटाले की आग फिर से दहकने लगी है।
वाड्रा के जमीन घोटाले में कौन-कौन शामिल?
कांग्रेस के खिलाफ चलाए जा रहे बीजेपी के 'दामादश्री' ने गुड़गांव में रॉबर्ट वाड्रा के जमीन घोटाले पर नए सिरे से चर्चा शुरूओं को हवा दी है। हर किसी की जुबान पर राबर्ट वाड्रा के लैंड डील की बात है।
सभी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर वह कौन-कौन हैं जिन्होंने डीएलएफ और वाड्रा के बीच लैंड डील कराई थी। जो भी लोग बड़े या छोटे स्तर पर इस लैंड डील में भूमिका निभाई है उनके नामों की भी चर्चा लोगों की जुबान पर है।
वाड्रा की लैंड डील में शुरू से ही घिरी हरियाणा सरकार के एक मंत्री का नाम भी अब सामने आया है जिन्होंने टिकट पाने के लिए जमीन के दाम में खेल किया।
वाड्रा को दे दी सस्ते रेट में जमीन
वाड्रा की लैंड डील और घोटाले उजागर होने के साथ ही हरियाणा की हुड्डा सरकार पर भी कई आरोप लगते रहे हैं। लेकिन अब हरियाणा के परिवहन मंत्री आफताब अहमद भी इस मामले में फंसते नजर आ रहे हैं।
अहमद के राजनीतिक विरोधी राबर्ट वाड्रा का लेकर उन पर अंगुली उठानी शुरू की दी है। उनका आरोप है कि अहमद ने विधानसभा का टिकट पाने के लिए अपनी पुस्तैनी जमीन तक को वाड्रा को बेहद सस्ते रेट पर बेच दी थी।
विरोधियों के इस खुलासे के बाद ये सियासी गलियारे में यह मुद्दा फिर गरमा गया है।