आजाद हिंद फौज का गठन कर दूर देश में रहकर ब्रिटिश हुकूमत की आंखों में खटकने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पलवल से गहरा नाता रहा है।
नेताजी ने ही शहर के ऐतिहासिक गांधी आश्रम का शिलान्यास किया था। गांधी आश्रम में लगा शिलालेख आज भी शहरवासियों के जहन में नेताजी की यादों को ताजा रखे हुए है।
गांधी जी की पहली गिरफ्तारी की याद को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए नेताजी सुभाष चंद बोस ने 2 अक्तूबर, 1938 को गांधी सेवाश्रम का शिलान्यास किया था।
आश्रम का शिलान्यास करने के लिए नेताजी सफेद घोड़े पर सवार होकर आए थे। उनके रुतबे को देखने व उन्हें निहारने के लिए महिलाएं अपने घरों के झरोखों पर घंटों तक उनका इंतजार करती रही थीं।
नेताजी जब शहर के बाजारों से निकले, तो लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया था। शहर के व्यापारी वर्ग ने उनके रास्ते में कपड़ों के नए थान बिछा दिए थे।
हालांकि उस समय उनके सहयोगी रहे लोग अब दुनियां में नहीं हैं, लेकिन उनके परिजन उनकी यादों को याद कर खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं।
इतिहासकार चाहे कुछ भी कहें, लेकिन पलवल का गांधी आश्रम गांधी जी व नेताजी के संबंधों की भी मिसाल देता है। गत वर्ष ही स्वर्गवासी हुए नेताजी स्वागत कार्यक्रम में भूमिका निभाने वाले मूलचंद मंगला ने अपने एक साक्षात्कार के दौरान अमर उजाला को बताया था कि नेताजी ने गांधी आश्रम को भव्य बनाने के निर्देश दिए थे।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों ने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। कहीं पैदल मार्च निकाले गए, तो कहीं संगोष्ठियों का आयोजन हुआ।
हथीन व होडल में भी कार्यक्रम आयोजित कर नेताजी को याद किया गया। आम आदमी पार्टी की जिला इकाई ने शहर के बाजार में पैदल मार्च करते हुए नेताजी को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला संयोजक कुलदीप कौशिक के नेतृत्व में किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अगर आज हम लोग देश में आजादी से जी रहे हैं तो यह उन शहीदों के ही कारण है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देते हुए बलिदान दिया।
विराट हिंदुस्तान संगम संगठन ने एक फार्म हाउस पर सुभाष चंद्र बोस जयंती समारोह का आयोजन किया। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की जिला इकाई ने जयंती महोत्सव को देश प्रेम दिवस के रूप में मनाया।
राजकीय कन्या स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की जिला संयोजक ममता चौहान बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं। आतंकवाद विरोधी मोर्चा ने कार्यालय पर समारोह मनाया।