फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाज नहीं आ रहे घोटालेबाज : खुले बाजार में बिक रहा गरीबों का राशन

Sun, 24 Jan 2016 02:02 PM IST
संजय मग्गू/अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। अधिकारियों की मिलीभगत से गरीबों का निवाला पूंजीपतियों की जेब में जाने का खेल अनवरत जारी है। हक से वंचित लोग सरकारी खजाने की लूट को लेकर व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
विज्ञापन


हालांकि प्रदेश सरकार व गुप्तचर विभाग इस तरफ निगाह जमाए हैं और कार्रवाई भी हो रही है। फिर भी घोटालेबाज अपने काम से बाज नहीं आ रहे हैं।

जिले में गरीबों को रियायती दरों पर मिलने वाले अनाज में घपले का खेल वर्षों से चल रहा है। गरीबों के राशन को उन्हें देने के बजाय मिलीभगत से खुले बाजार में बेचकर करोड़ों रुपये का घपला किया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो गरीबों के निवाले को खुले बाजार में बेचकर उससे होने वाली काली कमाई को नेताओं, अधिकारियों व पूंजीपतियों में बांटा जा रहा है।

दरअसल पांच महीने पहले गुप्तचर विभाग ने सदर थाना क्षेत्र के तहत गदपुरी पुलिस चौकी ने गेहूं से भरे एक ट्रक को पकड़ा था। पूछताछ हुई तो पता चला कि गरीबों के निवाले को बेचने का धंधा वर्षों से चल रहा है।
विज्ञापन


मामले में ठेकेदार व अधिकारियों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

होडल में भी एक अधिकारी को इसी प्रकार के घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 15 जनवरी को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने गुप्तचर विभाग की मदद से दो ट्रकों को पकड़ा।

ट्रकों में 840 कट्टे गेहूं के बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह गेहूं फरीदाबाद के गरीबों को बांटा जाना था, लेकिन फर्जी बिल्टी व कागजों के आधार पर उन्हें यूपी के रास्ते दिल्ली बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।

यह भी पता चला कि दो ट्रक पहले ही निकाल दिए गए थे और माल को ले जाने वाला ठेकेदार भी भनक लगते ही निकल गया था। चालकों व परिचालकों ने पांच दिन की रिमांड में कई खुलासे किए हैं।

अनाज घोटाला वर्षों से चल रहा है। इन घोटालों में नेता, पूंजीपति व अधिकारियों की तिगड़ी काम करती रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस प्रकार का घोटाला नहीं हो सकता है। पुलिस को सारे मामले की उच्च स्तर पर जांच कर असली दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। -कुलदीप कौशिक, संयोजक, आम आदमी पार्टी
दोनों मामलों में गंभीरता से तफ्तीश की जा रही है। पहले वाले मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के दौरान जिन नामों का खुलासा हुआ, उनकी भी जांच की जा रही है। दो आरोपी उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत पर चल रहे हैं। इस मामले में भी कई नामों का खुलासा हुआ है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें