फरीदाबाद में तमाम दावों के बावजूद बीके अस्पताल के डॉक्टरों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
चार माह की गर्भवती के पेट में बच्चा मर जाने के बाद उपचार कराने को वह तीन दिन तक भटकती रही। रविवार को पीएमओ से शिकायत होने पर उसका गर्भपात कराया गया।
बड़ौली निवासी राजबती ने बताया कि उसकी बेटी निशा चार माह की गर्भवती थी। तीन दिन पहले उसके पेट में दर्द होने लगा। उसे बीके अस्पताल लाया गया।